झांसी। कोरोना काल में रेलवे ने माल लदान के लिए नए ग्राहक तलाश लिए हैं। मंडल की अलग- अलग साइडिंग से फ्लाई एश, एडिबल ऑयल, बालू, चीनी, ज्वार का लदान शुरू हुआ है। यही कारण है कि मंडल ने अप्रैल से सितंबर तक 377 करोड़ रुपये अर्जित किए हैं।
बुंदेलखंड से गेहूं, चावल, खली, पेट्रोल- डीजल, केरोसिन, खाद, गिट्टी, सीमेंट दूसरे राज्यों में मालगाड़ी से भेजा जाता है। कुछ समय से ललितपुर स्थित बजाज पावर प्लांट से एश (राख) रूपनगर पंजाब, गाजियाबाद, मैहर व सतना भी भेजी जाने लगी है। मुरैना में ज्वार बाजरा का भी लदान होने लगा है। इसके अलावा एडिबल ऑयल, बालू और चीनी का लदान भी होने लगा है। उक्त वस्तुओं का लदान झांसी, रायरु, मालनपुर, ग्वालियर, मुरैना, ललितपुर, दतिया, निवाड़ी,भीमसेन, उरई, डबरा, निवाड़ी व बांदा स्टेशन की साइडिंग से होता है। मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष ने बताया कि कोरोना काल में भी मंडल ने माललदान में नए आयाम स्थापित किए हैं।
मंडल में 183 फर्म पंजीकृत
रेलवे मालभाड़ा बढ़ाने के लिए नए ग्राहक बनाने का लगातार प्रयास कर रहा है। मंडल में अभी 183 ऑनलाइन फर्म पंजीकृत हैं, जो अपना माल दूसरी जगह भेजते हैं। मंडल को हर महीने मालभाड़े से औसत 60 करोड़ की आय होती है।