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वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन के नाम के साथ जुड़ा झांसी

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झांसी। रेल प्रशासन ने चार माह पहले झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर वीरांगना लक्ष्मीबाई कर दिया था। स्टेशन के नाम में झांसी जुड़ा न होने का जमकर विरोध हुआ था। जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अब स्टेशन के नाम में झांसी जोड़ दिया गया है। स्टेशन का नाम ‘वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी’ हो गया है।
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वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के सम्मान में सरकार ने 29 दिसंबर 2021 झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘वीरांगना लक्ष्मीबाई’ कर दिया था। स्टेशन के नाम से झांसी शब्द हटा दिया गया था। इसका जमकर विरोध हुआ था। लोगों का कहना था कि स्टेशन के नाम में झांसी भी जोड़ा जाए। बाद में इसे लिपिकीय त्रुटि बताते हुए सुधार का भरोसा दिया था। पिछले दिनों झांसी आए रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने भी कहा था कि नाम परिवर्तन की दिशा में रेल मंत्रालय की ओर से कार्यवाही जारी है। बुधवार को स्टेशन के नाम में झांसी जोड़ दिया गया। इसके साथ ही प्लेटफार्मों पर लगे बोर्डों पर स्टेशन के नाम के साथ हिंदी और अंग्रेजी में झांसी जोड़ दिया गया।
झांसी की जनता की मांग का आदर करते हुए वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन के नाम के साथ झांसी जोड़ दिया गया है। हालांकि, यह पहले भी किया जा रहा था, लेकिन लिपिकीय त्रुटि की वजह से झांसी शब्द हट गया था।
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- शिवम शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी
133 साल पुराना है इतिहास
झांसी। झांसी का रेलवे स्टेशन अपने आप में 133 साल पुराना इतिहास समेटे हुए है। इसकी स्थापना ब्रिटिश शासनकाल में एक जनवरी 1889 को हुई थी। ब्रिटिश कंपनी ग्रेट इंडियन पेनिनसुलर रेलवे ने इसका स्थापित किया था। शुरुआत में भाप के इंजन से इक्का-दुक्का ट्रेनें ही चलती थीं। जबकि, अब प्रतिदिन यहां से डेढ़ सौ से अधिक गाड़ियां गुजरती हैं।
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