झांसी। धीरे- धीरे सुपरफास्ट व एक्सप्रेस ट्रेनों में पुराने प्रकार के आईसीएफ कोच हटकर नई डिजाइन के एलएचबी कोच लगते जा रहे हैं। रेलवे अब आईसीएफ के वातानुकूलित कोचों को पार्सल डिब्बे (सामान भेजने वाले कोच) बनाने की तैयारी कर रहा है। इन कोचों को एसी पार्सल ट्रेन या मिश्रित पार्सल ट्रेन बनाकर चलाया जाएगा। अभी झांसी मंडल से संचालित चार ट्रेनों से आईसीएफ हटाकर एलएचबी कोच लगाए गए हैं।
सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों में आईसीएफ (इंट्रीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई) कोच हटकर नई डिजाइन के एलएचबी (लिंक हॉफमेन बुश) कोच लगते जा रहे हैं। एलएचबी के स्लीपर कोच में सीटों की संख्या बढ़ाकर 72 से 80, थर्ड एसी में 64 से बढ़ाकर 72 व सेकेंड एसी में 46 से बढ़ाकर 52 कर दी गई है। झांसी मंडल से संचालित 15 ट्रेनों में चार गाड़ियों (ग्वालियर हावड़ा चंबल एक्सप्रेस, ग्वालियर पुणे, झांसी कोलकाता एक्सप्रेस व ग्वालियर बलरामपुर) में एलएचबी कोच लगा दिए गए हैं। इन ट्रेनों के जो वातानुकूलित कोच खाली हो गए हैं, उनका उपयोग अब एसी पार्सल ट्रेन बनाकर होगा। एसी कोचों में ज्यादा सुरक्षित सामान को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकेगा। ऐसा भारतीय रेलवे के सभी मंडलों में किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन के महाप्रबंधक को आदेश जारी कर दिए हैं।