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रेलवे गेटमैन को अब 12 घंटे नहीं करनी होगी नौकरी

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झांसी। रेलवे गेटमैन को अब 12 घंटे की जगह आठ घंटे ही नौकरी करनी होगी। अभी मंडल के 300 से अधिक क्रासिंग गेटों पर अधिकांश जगहों पर कर्मचारी 12 घंटे की नौकरी कर रहे हैं। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के साथ हुई पीएनएम बैठक में संबंधित अधिकारियों ने कर्मचारियों की ड्यूटी आठ घंटे करने पर सहमति जताई है। जैसे - जैसे नए स्टाफ की उपलब्धता होती जाएगी। उसी हिसाब से गेटों पर अतिरिक्त कर्मी तैनात होते जाएंगे।
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झांसी रेल मंडल झांसी से आगासौद, झांसी से धौलपुर, झांसी से भीमसेन, झांसी से मानिकपुर, भीमसेन से खैरार, ग्वालियर से उदिमोर, खजुराहो से टीकमगढ़ तक एक हजार से अधिक किलोमीटर में फैला हुआ है। वर्तमान में मंडल के अलग-अलग ट्रैक पर 319 क्रासिंग गेट हैं, जिन पर गेटमैन तैनात हैं। अधिक ट्रैफिक वाले गेटों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश पर गेटमैन को 12 घंटे की नौकरी करनी पड़ रही है। नियम है कि गेटमैन जहां 12 घंटे की नौकरी कर रहे हैं अगर उनका आधे किलोमीटर के दायरे में घर नहीं है, तो उनको सप्ताह में दो अवकाश दिए जाएंगे। इस नियम का भी पालन नहीं हो रहा है।
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन गेटमैनों की ड्यूटी 12 घंटे की जगह आठ घंटे करने का मुद्दा लंबे समय से चला आ रहा है। विगत नौ और दस सितंबर को प्रयागराज मुख्यालय में जीएम के साथ हुई पीएनएम की बैठक में यूनियन के पदाधिकारियों ने इस मुद्दे को रखा। बैठक में तय हुआ कि जिस क्रासिंग गेट पर कर्मचारी 12 घंटे काम कर रहे हैं वहां पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाएगा, जिससे किसी को भी आठ घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं करनी पड़ेेगी। बैठक में मंडल अध्यक्ष एचएस चौहान, केंद्रीय सहायक महामंत्री अजय सिंह यादव, बीएस कंसाना मौजूद रहे।
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एसी लोको शेड कर्मचारियों को मिलेगा वर्दी भत्ता
पीएनएम बैठक में कानपुर शेड की तरह झांसी टीआरएस (एसी लोको) कर्मचारियों को सालाना वर्दी भत्ता (यूनिफार्म एलाउंस) देने का मुद्दा उठाया गया। इस पर टीआरएस कर्मियों को सालाना पांच हजार रुपये वर्दी भत्ता देने पर सहमति बनी।
मुरैना स्टेशन से नहीं हटेंगे टिकट चेकिंग कर्मी
मुरैना स्टेशन पर चार चेकिंग कर्मी तैनात हैं। इस स्टेशन से प्रतिदिन तीन से चार हजार यात्री चढ़ते और उतरते हैं। इसके बाद भी प्रशासन को यहां से टिकट चेकिंग से राजस्व प्राप्त करने के अच्छे परिणाम नहीं मिल पा रहे थे। इस कारण प्रशासन यहां पर तैनात टिकट चेकिंग कर्मियों को हटाने की तैयारी कर रहा था। इस समस्या को नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन पीएनएम बैठक में उठाया। यूनियन के दखल के बाद इस निर्णय को बदल दिया गया है। अब इस स्टेशन से चेकिंग स्टाफ को नहीं हटाया जाएगा। रेलवे के नियम के अनुसार एक हजार यात्रियों पर एक चेकिंग कर्मी होना चाहिए।
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