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गरीबन की कोऊ नई सुनत, सब नेता अपनो-अपनो घर भरत

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झांसी। चुनाव धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है, इसका असर गांव गली की दुकानों और चौपालों पर भी दिखाई दे रहा है। स्थानीय समस्याएं और प्रशासनिक अनदेखी चुनाव में मुद्दा बनते नजर आ रहे हैं। झांसी सदर सीट के भट्टागांव में स्थित गब्बर हेयर कटिंग सेलून पर बैठे कुछ लोग चुनावी चर्चा में मशगूल थे। यहां बैठे मंगल सिंह ने कहा गरीबन की कोऊ नई सुनत, सब नेता अपनो अपनो घर भरत. काऊ खौ वोट दे दो अपन खौं तो बई मजूरी की मजूरी कन्ने। इस बात का समर्थन करते हुए पप्पू कुशवाहा ने कहा कि अकेलैं एक बात सो है कै कोरोना की विपता के बाद धंधे चौपट हो गए तै सो सरकार ने राशन दैकें गरीबों की मदद तो करी है।
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चर्चा को आगे बढ़ाते हुए आत्माराम ने कहा कि मैंगाई भलेईं बड़ गई होय पै गुंडयाई तो खतम हो गई। जमीनन पै कब्जा बंद हो गए। मंगल सिंह ने कहा कि खाद के लाने किसान हैरान हो गए। दलालन ने तो बोरी की बोरी उठा लईं और किसान एक एक बोरी के लाने घंटन लैन में ठाड़े रए। इस पूरी चुनावी चर्चा में लोग सियासत से ज्यादा प्रशासनिक लापरवाही पर चोट करते नजर आए। लोग स्थानीय मुद्दों को लेकर किसी भी दल पर भरोसा करने की स्थिति में नहीं दिखे, बल्कि उनकी बात कोऊ होय नृपत हमें का हानि वाली धारा की दिखाई दी।
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