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बुंदेलखंड में भाजपा की जमीन को खाद-पानी देगा पीएम का दौरा

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झांसी। किसान आंदोलन की वजह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को विपक्षी दलों की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। बुंदेलखंड में भी भाजपा सरकार को घेरने में कांग्रेस, सपा और बसपा की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। ऐसे में यहां की मजबूत जमीन को सुरक्षित बनाए रखने का मोर्चा प्रधानमंत्री ने संभाल लिया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री पहले महोबा और उसके बाद झांसी का दौरा करेंगे। इस दरम्यान वे सभी वर्गों को साधने की कोशिश करेंगे और भाजपा के नारों की हकीकत हकीकत में बदलते हुए दिखाएंगे।
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साल 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बुंदेलखंड के सातों जिलों की 19 विधानसभा सीटों में से महज दो झांसी सदर व चरखारी ही हासिल हो पाईं थीं। लेकिन, 2017 में मोदी लहर के बूते पर भाजपा ने सभी दलों का सूपड़ा साफ करते हुए सभी 19 सीटों पर भगवा परचम फहरा दिया था। लेकिन, 2022 में होने वाले चुनाव के लिए अभी से विपक्षी दलों की सक्रियता बढ़ गई है। खाद की किल्लत हो या महंगाई, हर मुद्दे पर सरकार को घेरा जा रहा है। जातीय संतुलन भी साधा जाने लगा है। विपक्ष के शीर्ष नेता खुद कमान संभाले हुए हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि ललितपुर में खाद की जद्दोजहद के बीच हुई किसान की मौत पर कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वहां पहुंच गई थीं। इसके बाद वे झांसी आकर किले में गईं थीं और रानी को पुष्पांजलि अर्पित की थी। सोशल इंजीनियरिंग के कामयाब फार्मूले को धार देने के लिए बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा यहां प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन आयोजित कर चुके हैं। जबकि, अखिलेश यादव बुंदेलखंड में तेजी से सपा का कुनबा बढ़ाने में जुटे हुए हैं। 20 नवंबर को वे झांसी और ललितपुर का दौरा करने वाले हैं।
विपक्षी दलों से मिल रही चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी का महोबा व झांसी का दौरा सियासी दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। महोबा में पीएम जनसभा के बीच अर्जुन सहायक बांध का लोकार्पण कर किसानों को बड़ा संदेश देंगे। जबकि, झांसी में वे डिफेंस कॉरिडोर की आधारशिला रख क्षेत्र के विकास के नए दरवाजे खोलकर युवाओं को रोजगार की सौगात देंगे। भाजपा के स्वदेशी के नारे का नजारा भी पीएम के आगमन पर देखने को मिलेगा। आयोजन स्थल के पास स्वदेश निर्मित निर्मित तोप, मिसाइल व अन्य अत्याधुनिक शस्त्रों की भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सेना की बढ़ती हुई ताकत भी प्रधानमंत्री के आने पर देखने को मिलेगी। इतना ही नहीं, पीएम का आगमन रानी लक्ष्मीबाई के जन्मदिवस पर 19 नवंबर को हो रहा है। किले के इर्दगिर्द ही उनका दौरा रहेगा। वे देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो रानी के जन्मदिवस पर झांसी आएंगे और किले में जाएंगे। इसके जरिये वे महिलाओं के सम्मान का संदेश देंगे। सेना की बढ़ी हुई ताकत भी देखने को मिलेगी। आर्मी, एयरफोर्स, बीएसएफ अपने रण कौशल का यहां प्रदर्शन करेंगी।
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ऐसे में जाना जा रहा है कि भाजपा बुंदेलखंड की अपनी मजबूत जमीन में से एक इंच भी किसी कि लिए छोड़ने को तैयार नहीं है। भाजपा इसे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षित जोन में तब्दील करने में अभी से जुट गई है। इसकी शुरुआत पीएम के दौरे से हो जाएगी।
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