झांसी। तेल की बिक्री में हो रहे नुकसान की वजह से निजी कंपनियों के पेट्रोल पंपों से 75 फीसदी तक तेल की आपूर्ति घट गई है। पंप संचालकों का कहना है कि यदि यही हालात रहे तो जनपद में सरकारी कंपनियों के पेट्रोल पंप भी ड्राई हो सकते हैं, क्योंकि डीजल की बिक्री में 18 और पेट्रोल में 15 रुपये प्रति लीटर नुकसान हो रहा है।
इन दिनों क्रूड ऑयल के दाम आसमान छू रहे हैं। जबकि, पंपों पर उससे कहीं कम कीमतों पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री हो रही है। ऐसे में मध्य प्रदेश और राजस्थान में पेट्रोल पंपों में आपूर्ति की समस्या आ गई है। झांसी पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव बब्बर ने बताया कि फिलहाल ये स्थिति झांसी में नहीं बनी है। कंपनियों को पेट्रोल, डीजल की बिक्री में फायदा तो दूर प्रतिलीटर 15 से 18 रुपये का नुकसान हो रहा है। पिछले दो महीनों में डीजल-पेट्रोल की बिक्री करने पर इंडियन ऑयल को 13000 करोड़, बीपीसीएल को आठ हजार करोड़ और एचपीसीएल को सात हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट कंपनियां ये नुकसान नहीं झेल पा रही हैं। ऐसे में झांसी में निजी कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर 50 से लेकर 75 फीसदी तक तेल की आपूर्ति घट गई है। वहीं, पंप संचालकों का कहना है कि अभी सरकारी कंपनियों के पेट्रोल पंपों में ड्राई होने की स्थिति नहीं बनी है। मगर ऐसे ही हालात रहे तो भविष्य में आपूर्ति की समस्या खड़ी हो सकती है।
अब एडवांस पैसा जमा करने पर मिल रहा तेल
झांसी पेट्रोल पंप एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राहुल रिछारिया ने बताया कि पहले कंपनियों को तेल की मांग सुबह भेज दी जाती थी और पेट्रोल-डीजल आने के बाद शाम को भुगतान होता था। मगर अब कंपनियां एडवांस पेमेंट लेने लगी हैं और अगले दिन तेल भेज रही हैं।
झांसी में रोज इतनी खपत
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पेट्रोल - डेढ़ लाख लीटर
डीजल - पांच लाख लीटर