झांसी। भीषण गर्मी में पानी का संकट झेल रहे हैं पैसेंजर। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो एवं तीन पर तो केवल एक वॉटर प्वांइट हैं। इस पर पानी के लिए भीड़ लगी रहती है। कई बार जब ट्रेन से उतरकर पैसेंजर पानी भरने के लिए पहुंचते हैं तो उनकी ट्रेन तक छूट जाती है। जबकि कुछ लोग पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं।
रानी लक्ष्मीबाई स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो एवं तीन पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, पंजाब मेल, झेलम एक्सप्रेस, उदयपुर एक्सप्रेस, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, यशवंतपुर- निजामुद्दीन एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, श्रीधाम एक्सप्रेस जैसी तमाम सवारी गाड़ियां आती हैं। इन गाड़ियों के सामान्य कोच यात्रियों से भरे होते हैं लेकिन यहां यात्रियों की प्यास बुझाने के पर्याप्त इंतजाम ही नहीं है। मजबूरन लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है।
यहां 72वें नंबर खंभे से ड्राइवर लॉबी के बीच पानी का कोई प्वांइट नहीं है जबकि जनरल कोच जहां खड़े होते हैं। वहां से पानी के प्वांइट की दूरी करीब तीन सौ मीटर है। ट्रेन के एक मिनट से पांच मिनट के ठहराव में पानी ले पाना मुश्किल है। जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह का कहना है मानक के मुताबिक प्लेटफार्म पर पेयजल की व्यवस्था की गई है। इस प्लेटफार्म पर नया वाटर प्वाइंट भी प्रस्तावित है।
यशवंतपुर-निजामुद्दीन स्टेशन से यहां उतरे। दोपहर में पानी के लिए काफी देर तक भटकना पड़ा। बहुत से लोग बिना पानी पीये ही चले गए।
-साधना यादव
एक पानी का प्वांइट होने से यहां काफी भीड़ रहती है। प्लेटफार्म पर इनकी संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है। यात्री परेशान होते हैं।
-दीपक राठौर
एक बोतल पानी के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती है। काफी देर तक इंतजार के बाद किसी तरह एक बोतल पानी भर सका।
-स्वाति
गर्मी में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है लेकिन, स्टेशन में इसकी सबसे ज्यादा कमी है। इसका इंतजाम कराना चाहिए।
-संजू सिंह
स्काउट कार्यकर्ता चला रहे स्टॉल
प्लेटफार्म दो एवं तीन में पानी की कमी को दूर करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के स्काउट एवं गाइड कार्यकर्ता पिछले करीब एक माह से स्टॉल चला रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है इस स्टॉल से रोजाना यात्रियों को पानी पिलाया जा रहा है।