झांसी। कोरोना काल में जिस तरह हालात सामान्य होते जा रहे हैं, उसी तरह ट्रेनों में मुसाफिरों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। मंडल के अलग - अलग स्टेशनों से अप्रैल से अगस्त तक 47 लाख से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं। इन यात्रियों से एक अरब नब्बे करोड़ रुपया किराया लिया गया। जबकि पिछले साल इसी अवधि में मात्र ढाई लाख यात्रियों ने यात्रा की थी।
रेल मंडल में झांसी, ग्वालियर, मुरैना, दतिया, डबरा, बबीना, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट धाम कर्वी, महोबा, मऊरानीपुर, उरई, भीमसेन प्रमुख स्टेशन हैं। वैसे मंडल में छोटे - बड़े 163 स्टेशन हैं। मंडल से प्रतिदिन 140 अप और डाउन ट्रेनें गुजरतीं हैं। नियमित ट्रेनों के संचालन के समय उक्त सभी स्टेशनों से प्रतिदिन एक लाख से अधिक मुसाफिर सफर करते थे, जिनसे करीब 40 करोड़ की आमदनी हर महीने रेलवे को होती थी। कोरोना महामारी के चलते रेलवे ने 20 मार्च से नियमित ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया था। वर्तमान में अभी 90 से 95 फीसदी ही गाड़ियां चल रहीं हैं। ट्रेनों में सिर्फ कंफर्म टिकट के ही यात्री सफर कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते यात्री सफर करने से बच रहे थे, लेकिन अब यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि होती जा रही है। इस वित्तीय साल में अप्रैल में तीन लाख यात्रियों ने सफर किया था, जो अगस्त में बढ़कर पंद्रह लाख तक पहुंच गए। पिछले पांच महीने में 47 लाख से अधिक यात्री उक्त स्टेशनों से सफर कर चुके हैं। इन यात्रियों से 1.90 अरब का 90 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया।