झांसी। चिरगांव के नरी गांव में लगे एक हजार साल पुराने बरगद को प्रदेश सरकार ने संरक्षित वृक्षों की सूची में शामिल कर लिया है। केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान ने ट्री इन सिटी चैलेंज में रिसर्च के बाद इस पेड़ की आयु निर्धारित की थी।
बता दें केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान काफरी ने यूनाइटेड नेशन इकॉनॉमिक कमीशन फॉर यूरोप में झांसी को ग्रीन सिटी बनाने के लिए अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया था। इसके बाद संस्थान ने जिले भर में ऐसे पेड़ों पर शोध शुरू किया, जाे सालों पुराने हो चुके हैं। इसमें चिरगांव के नरी गांव में प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में लगा बरगद का पेड़ भी शामिल था। काफरी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च के बाद इस पेड़ की उम्र एक हजार साल तय की। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस पेड़ का महत्व समझा और प्रदेश के हेरिटेज ट्रीज की सूची में शामिल कर लिया है।
केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने रिसर्च के बाद नरी गांव के बरगद के पेड़ की उम्र एक हजार साल तय की थी। इस पेड़ को उत्तर प्रदेश सरकार ने हेरिटेज ट्री की सूची में शामिल किया है।
डॉ. ए. अरुनाचलम, निदेशक, काफरी।