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झांसी में ट्रैफिक पर नहीं किसी का ध्यान...यहां तो होमगार्ड-पीआरडी वाले संभाले हैं कमान

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झांसी। चौराहों पर हादसे हो रहे हैं। जगह-जगह जाम लग रहा है। लेकिन फिर भी शहर के ट्रैफिक पर किसी का ध्यान नहीं है। यहां तो कमान ही होमगार्ड के हाथ में है। किसी भी बड़े चौराहे पर देख लीजिए होमगार्ड और पीआरडी वालों की ही तैनाती मिलेगी। ट्रैफिक पुलिस के सिपाही तो कहीं-कहीं ही दिखते हैं। खास बात यह है कि इन लोगों को कभी ट्रैफिक के बारे में ट्रेनिंग तक नहीं दी गई है। महानगरों में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने को शासन से नियमित निर्देश आते हैं लेकिन, यहां यह आदेश धड़ाम दिख रहे हैं। शासन ने शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर रखा है
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लेकिन, कहीं भी कोई चेकिंग प्वांइट नहीं बनाया गया। ट्रैफिक सिपाहियों के मौजूद न होने से चार पहिया वाहनों की रफ्तार पर भी कोई लगाम नहीं है। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट मेें आने से भी लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। कानपुर हाइवे, रक्सा मार्ग, झांसी-ललितपुर मार्ग, मऊरानीपुर तिराहा, बस स्टैंड, मेडिकल कालेज के पास, कोछाभांवर तिराहा, चित्रा तिराहा, इलाहाबाद बैंक तिराहा, जेल चौराहा, कचहरी चौराहा, फलमंडी, हंसारी आदि स्थानों पर रोजाना इन्हीं वजहों से हादसे हो रहे हैं।
झांसी में ट्रैफिक पुलिस का एक सिपाही और 14 हेड कांस्टेबिल
झांसी। यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने का जिम्मा ट्रैफिक पुलिस पर रहता है। लेकिन, यह विभाग कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। यहां करीब पचास फीसदी कर्मचारियों की कमी बताई जा रही। झांसी में अभी सिर्फ एक सिपाही समेत 16 हेड कांस्टेबल है जबकि इनकी संख्या 28 होनी चाहिए। इसी तरह 2 टीसीआई हैं। इनकी संख्या चार होनी चाहिए। एक टीआई ही तैनात हैं। इनको इंस्पेक्टर रैंक का होना चाहिए। कर्मचारियों का टोटा होने के बावजूद चार पुलिसकर्मी नियमित तौर पर वीआईपी ड्यूटी में लग जाते हैं। शेष बारह कर्मियों की मदद से ट्रैफिक कंट्रोल होता है। यह कमी पूरी करने को 30 होमगार्ड एवं 100 पीआडी के जवान तैनात किए गए हैं हालांकि इनके पास यातायात संभालने का कोई भी अनुभव नहीं है। इनको प्रशिक्षित करने का भी कोई इंतजाम नहीं है।
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जिन जगहों पर यातायात का दबाव अधिक रहता है, वहां अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। यातायात व्यवस्था दुरूस्त करने को नई कार्य योजना भी बनाई जा रही है। मुख्य सड़कों पर चलने वाले ट्रैक्टरों आदि का कड़ाई की जाएगी।
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प्रज्ञा पाठक
सीओ, यातायात
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