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निशा की खुशियां भी मातम में बदलीं

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चिरगांव। निशा की भी सारी खुुशियां मातम में बदल गईं। निशा का मायका छिरौना गांव में है। गांव में ही अहिरवार समाज का मंदिर है। उसने मनौती मांगी थी। उसे पूरी करने के लिए गांववालों और रिश्तेदारों के साथ ट्रैक्टर-ट्रालियों से आ रही थी। उसका एक बेटा अभि उर्फ गुल्टू (तीन साल) और दूसरा बेटा छह महीने का है। दूसरे बेेटे के जन्म के छह महीने पूरे होने पर ही वह मनौती पूरी करने के लिए मंदिर आ रही थी। रास्ते में हुए हादसे में उसके बड़े बेटे की मौत हो गई। इस हादसे में बड़े बेटे की मौत होने से निशा और उसके पति पवन भी बदहवास से हो गए हैं।
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छिरौना गांव भी शोक में डूबा
झांसी। छिरौना गांव के पूर्व प्रधान मेवालाल ने बताया कि निशा की शादी पंडोखर निवासी पवन के साथ हुई थी। वह गांव के मंदिर में अपनी मनौती पूरी करने के लिए आ रही थी। इसकी वजह से मंदिर में भी तैयारी की गई थी लेकिन हादसा होने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने बताया कि जानकारी मिलते ही वह लोग सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। सभी को निकालकर सीएचसी लेकर गए। वहां पर डाक्टर ने भी 11 लोगों को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद सभी लोग शव लेकर झांसी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पूर्व प्रधान ने हादसे की रिपोर्ट दर्ज कर मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।
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