झांसी। बतौर मुख्यमंत्री योगी की दूसरी सियासी पारी में एक बार फिर बुंदेलखंड से दो राज्यमंत्री बनाए गए हैं। इसमें पिछली सरकार में मंत्री रहे मनोहर लाल पंथ को दोबारा राज्यमंत्री बनाया गया है। जबकि, रामकेश निषाद को नए चेहरे के रूप में जगह मिली है।
2017 में भाजपा की सरकार बनने पर ललितपुर की महरौनी विधानसभा से विधायक मनोहर लाल पंथ को राज्यमंत्री बनाकर दलित समाज में भाजपा ने अपनी पैठ मजबूत की थी। जबकि, 2022 के चुनाव से ठीक एक साल पहले हुए मंत्रिमंडल विस्तार में चित्रकूट से विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को राज्यमंत्री बनाकर अगड़ी जाति को साध लिया। इस बार 2022 की योगी कैबिनेट में मनोहर लाल को फिर बतौर राज्यमंत्री जगह मिली। कोरी समाज से आने वाले मनोहर के जरिए भाजपा ने फिर से दलित वोट बैंक को साधा है। ललितपुर ही नहीं बल्कि, झांसी, जालौन समेत बुंदेलखंड में कोरी समाज का अच्छा खासा वोट बैंक है। साथ ही तिंदवारी से पहली बार विधायक चुने गए रामकेश निषाद को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। बांदा की चारों विधानसभा यानी कि सदर, बबेरू, तिंदवारी, और नरैनी में निषाद समाज का 20-20 हजार से ज्यादा वोट है। इसके अलावा हमीरपुर, महोबा, जालौन में भी निषादों की संख्या अच्छी है।
स्वतंत्र देव भी दोबारा कैबिनेट मंत्री बने
मूल रूप से मिर्जापुर के रहने वाले स्वतंत्रदेव की जालौन कर्मभूमि है। उन्हें बुंदेलखंड से ही जोड़कर देखा जाता है। 2017 में बीजेपी की सरकार बनने पर कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। बाद में प्रदेश अध्यक्ष बन गए तो मंत्री पद छोड़ दिया। इस बार भी स्वतंत्रदेव को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। मौजूदा समय में वो एमएलसी हैं।
एक दशक बाद फिर झांसी के हाथ खाली
2012, 2017 और अब 2022 में भी बुंदेलखंड का केंद्र माने जाने वाले झांसी से किसी भी जनप्रतिनिधि को मंत्री नहीं बनाया गया है। लगातार दूसरी बार झांसी की चारों विधानसभा सीटें भाजपा ने जीती हैं। यहां से दो विधायकों के मंत्रिमंडल में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। मगर उनके समर्थकों को निराशा हाथ लगी।