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मेरे भाई ने नहीं लगाई फांसी, उसे लॉकअप में बंद करके पुलिस ने बेरहमी से पीटा

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झांसी। इलाइट पुलिस चौकी में युवक की आत्महत्या की कोशिश के बाद उसके परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घायल युवक के भाई का कहना है कि घटना वाले दिन वह पूरी रात पुलिस चौकी के बाहर था। उसके भाई को पुलिस ने बुरी तरह पीटा। उसके चेहरे, हाथ एवं पांव में चोट के गहरे निशान थे। उसके भाई ने फांसी नहीं लगाई बल्कि पुलिस की पिटाई की वजह से उसकी यह हालत हुई।
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बरुआसागर निवासी ट्रांसपोर्टर अरविंद कुमार गुप्ता 23 सितंबर को मेडिकल कॉलेज से लापता हो गए थे। ट्रांसपोर्टर की कॉल डिटेल्स में ऑटो ड्राइवर रब्बू कुशवाहा का नाम आया था। उसने पुलिस को बताया कि सराफा का काम करने वाले अजय सोनी उर्फ सेठ सोनी ने अरविंद से बात की थी। इसी कॉल के आधार पर पुलिस ने पूछताछ के लिए अजय को 25 तारीख को नवाबाद थाने में बुलाया था। जब काफी देर तक अजय वापस घर नहीं पहुंचा तब उसका छोटा भाई हेमंत थाने पहुंचा। हेमंत का कहना है कि अजय को पहले नवाबाद थाने में रखा गया था। रात में पैदल उसे इलाइट चौकी ले जाया गया। थाने में उसकी काफी पिटाई हुई थी। अजय के चेहरे पर सूजन समेत चोट के निशान थे। हाथ एवं पैर में चोट न होने से वह चल नहीं पा रहा था।
हेमंत का कहना है अजय ने उसको रोते हुए बताया कि पुलिस ने बहुत मारा है। अजय खुद को बचाने की गुहार हेमंत से लगा रहा था। हेमंत के मुताबिक बेबस हालत में वह चौकी के गेट पर खड़ा रहा। रात करीब एक बजे परिवार के लोगों को बुलाने वह वापस लौट गया। भोर करीब चार बजे उनके घर पुलिस पहुंच गई। पुलिस घर से मां एवं अन्य परिजनों को लेकर नवाबाद थाने आई। यहां आकर पुलिस ने बताया कि अजय ने आत्महत्या की कोशिश की। उसकी हालत नाजुक है। हेमंत का कहना है उसके भाई को जिस तरह फांसी लगाने की बात कही जा रही, वह मुमकिन नहीं। शौचालय की जगह बहुत छोटी है। पुलिस के बहुत मारने की वजह से अजय लस्त पड़ चुका था। उसके भीतर शर्ट को फंदा बनाकर लटकने की हिम्मत नहीं थी। घटना के बाद हेमंत अपने अन्य परिजनों के साथ एसएसपी से मिलने कार्यालय पहुंचा। यहां उसने एक शिकायती पत्र के जरिए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। एसएसपी शिवहरि मीना का कहना है कि एसपी ग्रामीण से मामले की जांच कराई जा रही है।
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सीमेंट की जाली से आत्महत्या की कोशिश ने उलझाई गुत्थी
इलाइट चौकी के जिस शौचालय की जाली से अजय के आत्महत्या किए जाने की कोशिश किए जाने का पुलिस दावा कर रही है, वह जाली सीमेंट की बनी हुई है। अजय का वजन करीब साठ किलो से अधिक है। परिजनों का कहना है कि सीमेंट की जाली बेहद मामूली है। वह इतने वजन का भार सहन नहीं कर सकती। बाथरूम की जगह भी बहुत छोटी है। उनका आरोप है कि अजय को नवाबाद थाने के भीतर काफी पीटा गया। उसे काफी चोट आई थी। वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था।
नवाबाद एसओ और दो सिपाही निलंबित
एसएसपी शिवहरि मीना ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर नवाबाद एसओ विजय पांडेय समेत मुंशी विवेक एवं पहरा शांतनु को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही वहां तैनात दो होमगार्ड के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। अभी नवाबाद थाने में किसी की नई तैनाती नहीं की गई है।
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