झांसी। नगर निगम के एक अनुमान के मुताबिक झांसी में करीब पांच हजार लोग डॉगी पाल रहे हैं। लेकिन लाइसेंस केवल 32 के पास ही है। शहर की जो बड़ी कालोनियां हैं वहां डॉगी पालने का चलन ज्यादा है। अफसरों का कहना है कि लाइसेंस शुल्क केवल 25 रुपये है बावजूद इसके लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं। नगर निगम प्रशासन द्वारा भी इस तरह गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
घरों में पालतू पशुओं के लिए नगर निगम से लाइसेंस बनवाना होता है। न बनवाने पर नगर निगम प्रशासन इन पालतू पशुओं को जब्त करने के साथ ही पशुपालकों से जुर्माना वसूल सकता है लेकिन, तमाम पशु प्रेमियों को इसकी जानकारी ही नहीं। नगर निगम अफसर भी इसके लेकर बेपरवाह हैं। इसी वजह से आज तक लाइसेंस बनवाने संबंधी कोई अभियान नहीं चलाया गया। चालू वित्तीय साल में अभी तक महज 32 लोगों के पास ही कुत्ता पालन का लाइसेंस है जबकि एक अनुमान के मुताबिक पांच हजार से अधिक घरों में कुत्ते पाले गए हैं। घरों में महंगे विदेशी नस्ल के कुत्तों का पालन होने के बावजूद लोगों ने उनके लाइसेंस नहीं बनवाए। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डा. राघवेंद्र सिंह का कहना है कि लाइसेंस की संख्या बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। उनका कहना है कि इस मद का शुल्क दशकों पुराना है। इसे भी पुनरीक्षित किया जाएगा।