झांसी। मऊरानीपुर, कटेरा व रानीपुर की पेयजल समस्या दूर करने के लिए जल निगम द्वारा तैयार की गई 215 करोड़ रुपये की प्रस्तावित योजना अब केंद्र सरकार के नये कार्यक्रम ‘अमृत’ (अटल पुनरोद्धार व परिवर्तन मिशन) के तहत स्वीकृत होगी। जल निगम ने संशोधित योजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है।
यूपीए सरकार में ‘जवाहर लाल अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम फार स्माल एंड मीडियम टाउन’ योजना के तहत मऊरानीपुर, रानीपुर, व कटेरा की एक लाख से अधिक लोगों की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए जल निगम ने 215 करोड़ की योजना तैयार की थी। योजना के तहत बेतवा नदी के नोटघाट से कच्चा जल प्राप्त किया जाएगा। इस जल के शुद्धीकरण के लिए मऊरानीपुर के ग्राम घुराट में 42.50 एमएलडी का शोधन संयंत्र लगाया जाएगा।
यहां से उक्त तीनों नगरों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। जुलाई 2013 में इस योजना की फाइल मंजूरी के लिए शहरी विकास मंत्रालय दिल्ली भेज दी गई थी। योजना को मंजूरी मिल पाती, इसके पहले ही वर्ष 2014 में केंद्र में एनडीए की सरकार बन गई। तब से योजना ठंडे बस्ते में पड़ी हुई थी। अब इस योजना को ‘अमृत’ कार्यक्रम में शामिल कर लिया गया है।
‘मऊरानीपुर पेयजल योजना की संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का काम शुरू कर दिया है। जल्द ही इस योजना को स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया जाएगा।’
ए पी यादव
अधिशासी अभियंता जल निगम (निर्माण शाखा)
सपरार बांध पर निर्भर हैं मऊरानीपुर वासी
सपरार बांध पर निर्भर मऊरानीपुर नगर की सत्तर हजार आबादी गर्मी में हर वर्ष पानी के लिए परेशान रहती है। गर्मियों में यह बांध सूखने की कगार पर पहुंच जाता है। इस कारण यहां दिन में एक बार पानी देना भी मुश्किल हो जाता है। इन दिनों भी यही हालात यहां बने हुए हैं। इन हालातों को देख जल निगम ने अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम फार स्माल एंड मीडियम टाउन के तहत मऊरानीपुर, रानीपुर एवं कटेरा के जल संकट के निराकरण हेतु योजना तैयार की गई थी। इस योजना के तहत बेतवा नहर से मऊरानीपुर तक सरसठ किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जाएगी।