झांसी के बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा लगाकर बिहार में कई अमीन नौकरी पा गए। बीयू से सत्यापन के दौरान डिप्लोमा प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं।
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बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधीन परिमाप निदेशालय ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से कई अमीनों के प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए भेजे थे। बीयू की तरफ से जवाब भेज गया है कि विश्वविद्यालय में सिविल इंजीनियरिंग विभाग ही नहीं है, जिसका डिप्लोमा करने की बात कही जा रही है। ऐसे में अमीनों के फर्जी प्रमाण पत्र लगाने की पुष्टि हो गई है।