झांसी। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश जयतेंद्र कुमार की अदालत ने चिरगांव में तीन साल पहले हुई हत्या के सनसनीखेज मामले में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
चिरगांव थाना इलाके के ग्राम निवी निवासी लखनलाल 23 नवंबर 2017 को अपने मामा के लड़के सुरेश पाल एवं आत्माराम, श्यामू व सुरेश पाल की पत्नी शिमला के साथ कार से बैंक ऑफ इंडिया चिरगांव जा रहे थे। रास्ते में चिरगांव रेलवे स्टेशन के सामने चिरगांव के मोहल्ला काशीनगर रेलवे स्टेशन के पास निवासी काशीराम के पुत्र अनिल द्विवेदी उर्फ राजू व रामसहाय द्विवेदी उर्फ नवल अपने चार-पांच साथियों के साथ बुलेरो में सवार होकर आ गए। उन्होंने कार के आगे बुलेरो लगा दी। उन्होंने सुरेश पाल को कार से बाहर खींचकर हमला कर दिया। पत्थर और लाठी-डंडों से प्रहार किया। इसके बाद वे भाग गए। मौके पर पहुंची पुलिस सुरेश पाल को चिरगांव के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंची। यहां से उसे मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) तेज सिंह गौर ने बताया कि अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त अनिल द्विवेदी उर्फ राजू व रामसहाय द्विवेदी उर्फ नवल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक साल का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई व अर्थदंड भी लगाया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।