विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार खरे ने बताया कि मऊरानीपुर थाने में एक व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया कि आठ जनवरी 2016 से उनका सात वर्षीय बालक लापता है। 10 जनवरी को उसका शव गांव के ही एक खंडहर में मिला। पुलिस ने जांचकर मामले में पुरानी मऊ निवासी जाकिर उर्फ माइकल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी को सजा सुनाई है।
झांसी में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम सहित बलात्कार) नितेंद्र कुमार की अदालत ने कुकर्म के बाद सात वर्षीय बालक की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
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विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार खरे ने बताया कि मऊरानीपुर थाने में 10 जनवरी 2016 को एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया था कि आठ जनवरी 2016 को उनका सात वर्षीय बालक मोहल्ले में खेल रहा था, लेकिन इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला।
खोजबीन के दौरान 10 जनवरी को गांव के एक खंडहर में उसकी लाश पड़ी मिली। शव से तेज दुर्गंध आ रही थी। विवेचना के दौरान इस मामले में पुरानी मऊ निवासी जाकिर उर्फ माइकल का नाम सामने आया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद जाकिर उर्फ माइकल को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई है।