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ललितपुर: थाने में युवक की मौत पर दिनभर बवाल, पुलिस के खिलाफ आक्रोश

Mon, 30 Aug 2021 02:17 PM IST
प्राची प्रियम संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर

सार

परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए शव लेने से इनकार कर दिया। गुस्से में महिलाएं सड़क पर लेट गईं। दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट समेत अन्य मांगें पूरी करने का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण माने।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ललितपुर के पाली थाने में समाधान दिवस के दौरान शनिवार की दोपहर युवक तेजराम के फांसी लगाकर जान देने के मामले में रविवार को छह घंटे तक जमकर बवाल हुआ। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने, परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा और मृतक के पुत्र को नौकरी देने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने नझाई गेट के सामने रास्ता जाम कर दिया। 

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इस दौरान महिलाएं सड़क पर लेट गईं। पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष को हिरासत में ले लिया। भारी हंगामे के बीच अफसरों द्वारा मांगें पूरी किए जाने का आश्वासन देने पर ग्रामीण माने। बाद में शाम को शव का अंतिम संस्कार किया गया।  

शनिवार को तेजराम की मौत के बाद परिवार के लोगों और ग्रामीणों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए शव को उठाने नहीं दिया था। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई समेत कई मांगें की थीं। अफसरों ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। 
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लेकिन, रविवार को मांगों पर कोई कार्रवाई होती न देख ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को अपने कब्जे में नहीं लिया। उन्होंने सुबह 9 बजे से कंपनी बाग में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी होने पर जिला एवं पुलिस प्रशासन के आलाधिकारी कंपनी बाग पहुंचे और परिजनों से वार्ता की। 

ग्रामीणों ने युवक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दिलाए जाने और मृतक के बेटे को नौकरी दिलाने की भी मांग की। अफसरों ने शासन की गाइडलाइन के तहत मृतक के बेटे को नगर पालिका में संविदा पर नौकरी, पत्नी को पेंशन, दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर और आर्थिक सहायता की मांग पर सहमति जताई। 

इसके बाद अफसरों और ग्रामीणों की कोतवाली में बात होने लगी। आर्थिक सहायता एक करोड़ की राशि को लेकर बात बिगड़ गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। घंटाघर के रास्ते पर महिलाएं सड़क पर लेट गईं। ग्रामीणों ने भी सड़क जाम कर दी। 

पुलिस ने घेराबंदी करते हुए ग्रामीणों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन हंगामा और बढ़ गया। इस पर पुलिस ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष विक्रम को बल प्रयोग करके हिरासत में ले लिया। तत्पश्चात अफसरों ने फिर ग्रामीणों से बात की। 

दोपहर तक चले हंगामे के बाद किसी प्रकार परिजनों को समझा बुझाकर कोतवाली लाया गया। अधिकांश मांगों को मानने का आश्वासन दिया गया। दिन में करीब तीन बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने पर राजी हुए। 

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