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शस्त्र लाइसेंस फर्जी न निकले इस डर से हैदराबाद से लौट रहे थे कश्मीरी

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ट्रेन में मिली बंदूकों के मामले का खुलासा करते एसपी रेलवे। अमर उजाला
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झांसी। तेलंगाना एक्सप्रेस के जनरल कोच में दो बैगों में पांच बंदूकें और कारतूस मिलने के मामले में जीआरपी ने तीन कश्मीरियों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी हैदराबाद की एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते थे। कुछ दिन पहले केरला पुलिस ने कश्मीर के कुछ सिक्योरिटी गार्डों फर्जी लाइसेंस पर नौकरी करते पकड़ा था। कहीं वे भी न पकड़े जाएं, इसी डर से उक्त आरोपी अपने हथियार लेकर वापस ट्रेन से घर लौट रहे थे। आरोपी अपने दो साथियों की बंदूकें भी अपने साथ ले जा रहे थे, जो एक हफ्ते पहले ही अपने घर लौट चुके थे। जीआरपी की एक टीम शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन के लिए कश्मीर भेजी जा रही है।
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नौ सितंबर की रात 1.20 बजे रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पांच पर आई हैदराबाद से नई दिल्ली जाने वाली 02723 तेलंगाना एक्सप्रेस के जनरल कोच से आरपीएफ और जीआरपी ने दो बैगों से पांच एसबीबीएल बंदूक, 23 कारतूस, मोबाइल, हैदराबाद की सिक्योरिटी कंपनी के कार्ड और मोहम्मद रफीक पुत्र मुस्ताक खान और माजिद पुत्र सैय्यद बिन मोहम्मद निवासी बरहवी पुलिस स्टेशन धर्मशाला जिला राजौरी जम्मू कश्मीर के नाम के दो शस्त्र लाइसेंस बरामद किए थे। जीआरपी ने इस मामले में उक्त दोनों व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इस मामले की विवेचना जीआरपी निरीक्षक चंद्रभूषण यादव को सौंपी गई थी। आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके नेतृत्व में टीम को लगाया गया। जीआरपी टीम ने 12 सितंबर की सुबह लुधियाना से तीन आरोपियों को पकड़ लिया। इनके नाम मोहम्मद रफी पुत्र मुस्ताक खान ग्राम बरहवी थाना धर्मशाला जिला राजौरी जम्मू कश्मीर, संजय कुमार पुत्र सरदारी लाल निवासी मोगला थाना धर्मशाला जिला राजौरी जम्मू कश्मीर व यशपाल शर्मा पुत्र ज्ञान चंद्र निवासी गुंघा थाना बुद्धल जिला राजौरी जम्मू कश्मीर है। संजय व यशपाल रिश्ते में जीजा साला है।
कंपनी से छुट्टी न मिलने पर भाग आए थे
पुलिस अधीक्षक (रेलवे) मोहम्मद इमरान ने बताया कि हैदराबाद स्थित रियल सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में उक्त आरोपी सुरक्षा गार्ड का काम करते थे। पिछले दिनों केरला पुलिस को कश्मीर के कुछ गार्डों के शस्त्र लाइसेंस फर्जी मिले थे। इससे अन्य गार्डों में डर बैठ गया कि उनके लाइसेंस भी जांच में न पकड़े जाएं। कंपनी में एक साथ 17 गार्डों ने छुट्टी के लिए आवेदन कर दिया। कंपनी ने एक साथ इतने लोगों को छुट्टी देने से इंकार किया। इस पर छह लोग बिना बताए अपने हथियार लेकर हैदराबाद से निकल आए। इनमें तीन लोग अपनी बंदूकें व कारतूस साथ लिए थे। दो बंदूकें उन दो साथियों की भी ले लीं, जो एक हफ्ता पहले अपने घर लौट आए थे।
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बंदूकें मिलने के वक्त ट्रेन में ही थे
स्टेशन पर जिस समय कोच से बंदूकें व कारतूस बरामद किए गए। उस समय सभी कोच के अंदर ही बैठे थे। चूंकि, उनमें किसी के पास भी कंफर्म टिकट नहीं था। इसलिए सब चुपचाप बैठे रहे। बाद में तीन लोग ग्वालियर स्टेशन पर यह योजना बनाकर उतर गए कि जीआरपी को सूचना दे देंगे कि उनकी लाइसेंसी बंदूकें रास्ते में चोरी हो गईं हैं। हालांकि वह थाने जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। दूसरी ट्रेन पकड़कर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दिल्ली में निर्णय लिया कि वह बंदूकें चोरी होने की शिकायत राजौरी पहुंचकर पुलिस से करेंगे। इसके बाद वह दिल्ली से बस द्वारा जम्मू कश्मीर के लिए रवाना हो गए। लेकिन लुधियाना में जीआरपी टीम ने उनको पकड़ लिया। इनके साथी के हथियार के लाइसेंस की वैधता मई 2021 में समाप्त हो चुकी है। आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस के सत्यापन की कार्यवाही जिला प्रशासन राजौरी के माध्यम से कराई जा रही है। साथ ही आपराधिक इतिहास का भी पता किया जा रहा है।
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