इंटर्न छात्रा से रैगिंग में जूनियर डॉक्टर छह महीने तक निलंबित
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में कार और स्कूटी सामने आने पर हुए जूनियर डॉक्टर और इंटर्न छात्रा के बीच विवाद के मामले में मंगलवार को एंटी रैगिंग कमेटी ने दोनों के बयान दर्ज किए। छात्रा के साथ रैगिंग की पुष्टि होने पर पैथोलॉजी विभाग के जूनियर डॉक्टर को छह महीने के लिए निलंबित और हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही एक लाख का जुर्माना भी ठोका गया है। सहयोगी जूनियर डॉक्टर पर भी 25 हजार रुपये फाइन लगा है।
मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली एक इंटर्न छात्रा ने एंटी रैगिंग कमेटी को दिए अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि नौ अक्तूबर की शाम को कार सवार पैथोलॉजी विभाग के जूनियर डॉक्टर ने अभद्र टिप्पणी की। उसने जब विरोध किया तो गाली गलौज शुरू कर दिया। कार में सर्जरी विभाग का जूनियर डॉक्टर बगल की सीट पर और कनिष्ठ साथी पीछे बैठे हुए थे। सूचना पर सिक्योरिटी गार्ड भी मौके पर पहुंच गए थे।
छात्रा की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं, जिस जूनियर डॉक्टर की कार है, उसका कहना था कि बेवजह उसे फंसाया जा रहा है। घटना से उसका कोई लेना-देना नहीं है। उस समय भी वह मौके पर नहीं था। मंगलवार को इस मामले में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। कमेटी ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। इस दौरान सिक्योरिटी गार्ड के भी बयान हुए। गार्ड ने बताया कि सर्जरी विभाग का जेआर भी मौके पर था। कमेटी ने आपस में चर्चा करने के बाद प्राचार्य को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें पैथोलॉजी विभाग के जूनियर डॉक्टर को छह महीने तक क्लास से निलंबित और हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जबकि, सर्जरी विभाग के जेआर पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगा है। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। र