झांसी। दो दशक साल पहले जय से जावेद बने युवक ने शनिवार को फिर से हिंदू धर्म अपना लिया। युवक के साथ उसकी पत्नी और बेटा भी हिंदू बन गए हैं। इस दौरान युवक ने 20 वर्ष पहले धर्म परिवर्तन कराने वाले व्यक्ति पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। कहा कि दबाव बनाकर उसका जबरन धर्म कराया गया था।
गोविंद चौराहा निवासी जय सिंह पुत्र निर्मल ने बताया कि वह मिशन कंपाउंड निवासी एक व्यक्ति के यहां काम करता था। कुछ समय बाद वह व्यक्ति उस पर धर्म बदलने का दबाव बनाने लगा। वह लगातार इंकार करता रहा। लगभग 20 वर्ष पहले एक दिन उस पर दबाव बनाकर व्यक्ति ने उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। उसका नाम मोहम्मद जावेद रख दिया। इसके बाद से उसका लगातार उत्पीड़न किया जाता रहा। चार साल पहले उसकी शादी भी रुखसार नाम की महिला से करा दी गई। उनका एक बेटा भी है।
जय ने बताया कि धर्म परिवर्तन कराने वाला व्यक्ति आए दिन उसके साथ मारपीट करता रहता था। उसके उत्पीड़न से तंग आकर वह पत्नी और बच्चे के साथ अप्रैल में भोपाल भाग गया। इसके बाद उस व्यक्ति ने जून में उसके खिलाफ चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। कुछ समय पहले ही वह परिवार के साथ झांसी लौटा है। जय ने बताया कि उसने पत्नी के साथ फिर से अपने पुराने धर्म में लौटने को लेकर चर्चा की। पत्नी ने भी सहमति जता दी। वो विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के नेता विनोद अवस्थी, प्रभाकर अवस्थी, अतुल मिश्रा, विकास अवस्थी के संपर्क में आया। शनिवार को उसने सिद्धेश्वर मंदिर में पत्नी, बच्चे के साथ विधिवत हिंदू धर्म अपना लिया। पत्नी का नाम माया और बेटे का नाम विजय रखा है। इस दौरान धर्म परिवर्तन की रीति विधि विधान से आचार्य पंडित हरिओम पाठक ने संपन्न कराई।
आरोपी पर कार्रवाई हो
जय का कहना है कि सालों तक वह उत्पीड़न का शिकार होता रहा। अब उसने उत्पीड़न करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पत्नी माया का कहना है कि शादी से पहले उससे भी ये बात छुपाई गई कि जावेद पहले जय था। उसने कहा कि धर्म बदलने पर उसके भाई और मां उसके साथ हैं।