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जेडीए के अवस्थापना निधि से होने वाले 16.51 करोड़ के काम अटके

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झांसी। महानगर के विकास का खाका खींचने वाले अफसर विकास कार्यों को जमीन पर उतारने के लिए संजीदा नहीं हैं। आलम यह है कि अफसरों के पास जनता की सहूलियत के कामों को लेकर चर्चा करने का वक्त नहीं है। ऐसे में 16 करोड़ रुपये के काम अटके पड़े हैं। झांसी विकास प्राधिकरण में चार सितंबर को बोर्ड बैठक होनी थी, लेकिन 21 दिन बाद भी अवस्थापना विकास निधि से बोर्ड की तारीख तय नहीं हो सकी।
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स्टांप ड्यूटी से मिलने वाले राजस्व का दो फीसदी रकम अवस्थापना निधि में जमा होता है। इसका एक हिस्सा जेडीए को मिलता है। जेडीए के पास अवस्थापना निधि में करीब 12 करोड़ रुपये हैं। इस रकम से महानगर का सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य कराए जाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके मुताबिक मेजर ध्यानचंद के नाम से जाने वाले हीरोज ग्राउंड का सौंदर्यीकरण कराया जाना है। यहां दद्दा ध्यानचंद की स्मृति को सहेजने के लिए स्मृति चिन्ह लगाए जाएंगे। इस पर कुल पचास लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। इसी तरह ध्यानचंद की प्रतिमा वाली पहाड़ी पर विशाल साइनबोर्ड स्थापित किया जाएगा। यह साइन बोर्ड रात में भी चमकेगा। साइन बोर्ड में आई लव झांसी का स्लोगन लिखा होगा। शहर के चार प्रमुख पार्कों का भी सौंदर्यीकरण कराया जाना है। इसी तरह सीता होटल के पास विशाल त्रिपाठी के घर बगल से इंटरलॉकिंग, वार्ड नंबर नौ में इंटरलॉकिंग एवं नाली निर्माण, क्राफ्ट मेला मैदान की बाउंड्रीवाल का निर्माण, उन्नाव मुख्य मार्ग से निर्मला रेजीडेंसी आवासीय कॉलोनी तक पहुंच मार्ग का निर्माण, सीपी मिशन कंपाउंड में सड़क निर्माण एवं मरम्मत, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंर्तगत करारी में आंतरिक विकास कार्य एवं गेड़ा कॉलोनी में सड़क निर्माण जैसे अहम कार्यों को भी मंजूरी का इंतजार है। अवस्थापना निधि बोर्ड की बैठक न हो सकने से यह कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
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