झांसी। इजरायली तकनीकी की मदद से बबीना के सूखाग्रस्त इलाकों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। चिन्हित गांवों के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इजरायली एजेंसी का सर्वे पूरा होते ही यहां काम शुरू हो जाएगा। उम्मीद जताई जा रही कि अगले खरीफ सीजन में इसका लाभ किसानों को मिल सकेगा।
बबीना ब्लॉक सर्वाधिक सूखाग्रस्त इलाकों में शुमार किया जाता है। यहां पीने के पानी के साथ ही सिंचाई के साधन भी नहीं हैं। इससे किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सिंचाई के साधन तैयार करने को पिछले वर्ष अगस्त माह में केंद्र सरकार ने इजरायल के साथ एक समझौता किया था। इसके जरिए इजरायल यहां सिंचाई ढांचा तैयार करने में तकनीकी मदद देने पर राजी हुआ था। इसके जरिए करीब 200 हेक्टेयर में सिंचाई की सहुलियत दी जानी थी। सिंचाई अभियंताओं के मुताबिक पहूंज नदी से इन सूखाग्रस्त इलाकों तक पानी पहुंचाने की योजना है। अभी नहरों के जरिए सिंचाई में काफी अधिक पानी बर्बाद हो जाता है लेकिन, इस प्रणाली के इस्तेमाल से पानी की बर्बादी को रोका जा सकेगा। इस लिहाज से पानी की मार झेल रहे बुंदेलखंड के किसानों के लिए यह प्रणाली वरदान साबित हो सकती है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं का कहना है कि इस विधि में सिंचाई के दौरान पानी की बर्बादी रोकने पर खास जोर होगा। टपक प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। कुछ समय पहले इजरायली दल भी यहां आकर प्रारंभिक सर्वे कर चुका। अब उसके मुताबिक विभिन्न बिंदूओं का अध्ययन करते हुए विशेषज्ञ प्रस्ताव तैयार करने में जुटे हैं। उम्मीद जताई जा रही कि अगले खरीफ सीजन तक इस सहुलियत का लाभ किसानों को मिल सकेगा। बेतवा प्रखंड के एक्सईएन उमेश कुमार के मुताबिक कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है।