पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधिकारी जांच करते हुए।
झांसी। पॉलीटेक्निक के हॉस्टल में नाबालिग के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना की जांच प्राविधिक शिक्षा विभाग ने भी शुरू कर दी है। विभाग की उच्च स्तरीय टीम ने बुधवार को घटना स्थल का जायजा लेते हुए छात्रावास का चप्पा-चप्पा खंगाला। इसके अलावा प्रधानाचार्य समेत स्टाफ के 12 लोगों के बयान दर्ज किए गए। जबकि, घटना के बारे में 35 कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
पॉलीटेक्निक हॉस्टल में सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद से प्राविधिक शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है। इस घटना में पॉलीटेक्निक स्टाफ की लापरवाही की जांच के लिए प्राविधिक शिक्षा निदेशक ने वाराणसी के संयुक्त शिक्षा निदेशक सुरेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया है। टीम में कानपुर पॉलीटेक्निक की प्रधानाचार्य रूबीना परवेज आलम, कानपुर देहात पॉलीटेक्निक के पीके शर्मा व झांसी पॉलीटेक्निक की रश्मी शुक्ला को शामिल किया गया है। बुधवार को दिन भर टीम पॉलीटेक्निक कॉलेज में डेरा डाले रही। टीम ने जिस हॉस्टल में सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया, उसका चप्पा-चप्पा खंगाला और परिसर में भी पड़ताल की। इसके अलावा पॉलीटेक्निक प्रधानाचार्य समेत स्टाफ के 12 लोगों के अलग-अलग बयान दर्ज किए। साथ ही, घटना वाले दिन ड्यूटी पर मौजूद अन्य 35 शिक्षक व कर्मचारियों से भी घटना के संबंध में पूछताछ की गई। जांच कमेटी की बृहस्पतिवार को कानपुर पॉलीटेक्निक में बैठक होगी, जिसमें जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट प्राविधिक शिक्षा निदेशक को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर निदेशालय स्तर से आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
टीम बेटी के नहीं ले सकी बयान
झांसी। घटना के संबंध में अधिक से अधिक जानकारी जुटाने के लिए टीम को दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग बेटी के भी बयान लेने थे। इसके लिए जांच टीम की महिला सदस्य कानपुर पॉलीटेक्निक कॉलेज की प्रधानाचार्य रूबीना परवेज आलम ने बेटी के परिजनों से संपर्क भी किया। लेकिन, बेटी के परिजनों ने बयान दर्ज कराने से साफ इंकार कर दिया, जिससे टीम बेटी के बयान दर्ज किए बगैर ही वापस लौट गई।