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फर्जी चेक से भुगतान मामले में शासन ने बीयू से मांगा जवाब

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झांसी। फर्जी चेक से भुगतान के मामले में शासन ने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से आख्या मांग ली है। मामला बीयू में अगस्त 2017 का है। तब केनरा बैंक की मध्य प्रदेश की खरगौना शाखा में बीयू की फर्जी चेक लगाकर 2.72 लाख रुपये का भुगतान करा लिया गया था।
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अगस्त 2017 में जालसाज ने विश्वविद्यालय की एसबीआई बैंक की 97 और 98 सीरियल नंबर की दो फर्जी चेक बनाकर मध्यप्रदेश की केनरा बैंक की खरगौर और बड़ावनी शाखा में लाग दी थीं। खरगौन शाखा से 2.72 लाख रुपये की 98 नंबर की चेक का भुगतान कर दिया गया। सवा दो लाख रुपये की 97 न ंबर चेक का भुगतान करने से पहले जब बड़ावनी शाखा के कर्मचारी ने पुष्टि करने के लिए विश्वविद्यालय फोन किया तो वित्त विभाग के कर्मचारी ने ऐसी कोई चेक नहीं काटे जाने की जानकारी दी। तब बैंक कर्मचारी ने बताया कि 98 नंबर की चेक से भुगतान हो चुका है। फिर कैसे माना जाए कि 97 नंबर की चेक नहीं कटी। यह जानकारी होने पर बीयू में हड़कंप मच गया। बैंक कर्मचारी ने बीयू को खरगौन शाखा का फोन नंबर उपलब्ध कराया। काफी मशक्कत के बाद खरगौन शाखा ने भुगतना किए गए पैसे को वापस मंगवाया। इस मामले में बीयू प्रशासन की तरफ से मुकदमा कराया गया था। अब इस मामले में शासन ने बीयू से पूरे प्रकरण की विस्तृत आख्या मांगी है। यह मामला कैसे हुआ। अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है, इस संबंध में बीयू ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
फर्जी चेक से भुगतान मामले में पैसा वापस विश्वविद्यालय के खाते में आ गया था। शासन ने जो आख्या मांगी थी, उसे उपलब्ध करा दिया गया है। - प्रो. जेवी वैशम्पायन, कुलपति, बीयू।
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