वायरल के मरीजों को भर्ती करने के लिए जिला अस्पताल में बने मेल और फीमेल वार्ड के पूरे बेड भर जाने पर सोमवार को रोगियों को सर्जिकल वार्ड में भर्ती करना पड़ा। वार्ड में भर्ती होने के लिए घंटों खड़े रहने की शिकायत मरीजों ने अस्पताल के अधिकारियों से की।
जिला अस्पताल में बने मेल और फीमेल वार्ड के पूरे बेड भर जाने पर वायरल के मरीजों को भर्ती करने के लिए सोमवार को रोगियों को सर्जिकल वार्ड में भर्ती करना पड़ गया। इससे ऑपरेशन कराने आए मरीजों को वार्ड में भर्ती होने के लिए घंटों खड़ा रहना पड़ा। मरीजों ने इसकी शिकायत अस्पताल के अधिकारियों से भी की।
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कैंट की रहने वाली अनीता अपने बेटे जितेंद्र के साथ पथरी की समस्या होने पर जिला अस्पताल पहुंची थीं। वहां डॉक्टरों ने उन्हें ऑपरेशन कराने की बात कहते हुए सर्जिकल वार्ड में भर्ती होने के लिए कह दिया। भर्ती की फाइल भी बन गई। मगर जब वो सर्जिकल वार्ड पहुंची तो वहां पर पहले से मरीज भर्ती थे। इससे उन्हें घंटों खड़ा रहना पड़ा। बाद में अनीता ने इसकी शिकायत अस्पताल के अधिकारियों से की। अधिकारियों ने स्टाफ से कहा कि भर्ती कर लिया जाए मगर स्टाफ ने कह दिया कि जब बेड खाली होगा तभी तो भर्ती कर पाएंगे।
सूजे खां खिड़की निवासी दुर्गा के हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। भर्ती होने के लिए उसे भी सर्जिकल वार्ड में बेड नहीं मिला। उसने भी अधिकारियों से जाकर इसकी शिकायत की। वहीं, स्टाफ भी यह कहता हुआ झल्लाता नजर आया कि जब वायरल मरीजों के लिए अलग व्यवस्था है तो फिर मरीज सर्जिकल वार्ड में क्यों भेजे जा रहे हैं?
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मेडिकल कॉलेज में भी खचाखच भरा वार्ड
जिला अस्पताल ही नहीं मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड भी वायरल मरीजों से खचाखच भर गए हैं। हाल ये है कि वहां भी बेड के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। जैसे ही कोई मरीज ठीक होने पर डिस्चार्ज किया जाता है, तब दूसरा भर्ती हो पाता है।