झांसी। आईसीएसई बोर्ड की फर्स्ट टर्म परीक्षाओं के दौरान शुक्रवार हिंदी की परीक्षा हुई। इस दौरान मुहावरे और लोकोक्तियों ने परीक्षार्थियों को हैरत में डाल दिया। प्रश्नपत्र में आए बहुविकल्पीय प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को खूब छकाया।
कोरोना संक्रमण के चलते आईसीएसई बोर्ड ने इस बार बोर्ड परीक्षाओं को दो भागों में विभाजित किया है। फर्स्ट टर्म परीक्षा में 50 फीसदी कोर्स से प्रश्नपत्र आया है। आईसीएसई बोर्ड परीक्षा में शुक्रवार को हिंदी की परीक्षा में 13 परीक्षा केंद्रों पर तीन हजार परीक्षार्थियों ने भाग लिया। डेढ घंटे के समय सीमा में 80 प्रश्नों को परीक्षार्थियों ने हल किया। इस दौरान गद्य, पद्य, मुहावरे, विलोम शब्द और अन्य प्रश्नों को विद्यार्थियों ने हल किया। बहुविकल्पीय प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को खूब छकाया।
परीक्षा का पैटर्न बदल गया है। पहली बार बहुविकल्पीय प्रश्न आए हैं। इससे प्रश्न हल करने में असमंजस रहता है। - पूर्वी
परीक्षा को लेकर अच्छी तैयारी की है। बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करना नया अनुभव था। बोर्ड परीक्षा में ऐसा पहली बार हुआ है। - अदिति तिवारी
पाठ्यक्रम भी बदल गया है। जिससे थोड़ी दिक्कत हो रही है, कभी-कभी सही विकल्प चयन करने में वक्त ज्यादा लग जाता है।- सोनाली यादव
बच्चे भ्रमित इसलिए हो रहे हैं, क्योंकि पहली बार वे बहुविकल्पीय प्रश्न हल कर रहे हैं। पहले लिखित परीक्षा में कुछ न कुछ लिखकर नंबर मिलने की उम्मीद रहती थी, अब सही विकल्प ही नंबर दिलाएगा। - डॉ. तबरेज खान, कन्वीनर आईसीएसई बोर्ड झांसी