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बचाव कार्य में जुटे गृहमंत्री बाढ़ में खुद फंसे

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झांसी। भारी बारिश की वजह से सिंध नदी रौद्र रूप धारण किए हुए है। इसके आसपास के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीणों को बचाने के लिए बुधवार को दिन भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा। इसकी कमान दतिया के विधायक और प्रदेश के गृहमंत्री खुद संभाले रहे। इस दौरान एक गांव में वे खुद बाढ़ से घिर गए। तकरीबन एक घंटे के रेस्क्यू के बाद उन्हें सेना की मदद से बचाया जा सका। इस दौरान मध्य प्रदेश शासन में हड़कंप की स्थिति रही। मंत्री के सकुशल बाढ़ग्रस्त इलाके से बाहर आने तक सभी की सांसें अटकी रहीं।
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दतिया के कई गांवों के बाढ़ के चपेट में आने की जानकारी होने पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर क्षेत्र में पहुंच गए। पहले उन्होंने हवाई सर्वे कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बाद में वे मोटर वोट से कई इलाकों में घूमे। सिंध नदी में पानी बढ़ने से इसकी सहायक बड़ौनी क्षेत्र से निकली नदी महुअर का भी जल स्तर बढ़ गया। यहां ग्राम औरीना में टापू पर बने मंदिर पर दो पुजारी पानी में फंस गए थे। जानकारी होने पर गृहमंत्री ने हेलीकाप्टर से दोनों पुजारियों का रेस्क्यू कराकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस बीच पाली गांव में टापू पर तहसीलदार सुनील भदौरिया समेत फंसे 43 ग्रामीणों को निकालने के लिये सेना बड़े स्तर पर ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इसी दौरान ग्रामीणों के बाढ़ में फंसे होने की जानकारी होने पर नरोत्तम मिश्रा नाव से डबरा से सटे दतिया के गांव कोटरा पहुंच गए। इसी दरम्यान अचानक उनकी नाव पर एक पेड़ गिर गया, जिससे वे भी बाढ़ के पानी से घिर गए। मुश्किल से उन्हें सुरक्षा कर्मी बचाकर एक गांव की छत पर ले गए। वे तकरीबन एक घंटे तक बाढ़ में फंसे रहे। हेलीकॉप्टर से नरोत्तम मिश्रा और गांव के अन्य ग्रामीणों को एयरलिफ्ट कराकर निकाला गया। इस दौरान मध्य प्रदेश शासन में हड़कंप की स्थिति रही।
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