झांसी। चाहें ग्वालियर मार्ग हो या फिर कानपुर मार्ग। ललितपुर को जाने वाली सड़क भी देख लीजिए। हाथ जोड़े नेताओं के होर्डिंग आपको हर जगह दिख जाएंगे। सड़क किनारे बल्ली के सहारे खड़े होने वाले यह अवैध होर्डिंग हादसे की भी वजह बन सकते हैं लेकिन इन पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। न नगर निगम कुछ कर रहा है और न ही प्रशासन। महानगर के प्रमुख चौराहों पर तो बुरा हाल है। एक एक चौराहे पर बीस बीस होर्डिंग लगे हैं। यहां चौराहे नहीं केवल होर्डिंग ही नजर आते हैं।
आपको अगर होर्डिंग को लेकर मची होड़ देखनी है तो जरा इलाइट चौराहा, बीकेडी चौराहा, चित्रा चौराहा, कचहरी चौराहा, मेडिकल बाईपास, इलाहाबाद बैंक तिराहा, बस स्टैंड रोड, मिशन कंपाउंड तिराहा, ग्वालियर रोड-उन्नाव बालाजी मार्ग तिराहा, खंडेराव गेट तिराहा और पंचकुईयां तिराहा तक घूम आइए। हर जगह आपको सियासी लोगों के होर्डिंग नजर आ जाएंगे। अपनी सियासत चमकाने के लिए यह लोग नियम और कानून की परवाह किए बिना इन अवैध होर्डिंगों के जरिए लोग अभी से होली तक की शुभकामनाएं दे रहे हैं। इस खेल में कोई भी सियासी दल पीछे नहीं है। पूरे शहर में 500 सौ से अधिक इस तरह की होर्डिंग लगी हुई है। इसी तरह सड़क डिवाइडर के बीचों-बीच खतरनाक तरीके से स्टैंडी खड़ी कर दी जाती है। यह स्टैंडी कमजोर होने की वजह से सड़क पर ही गिर जाती है। वहीं, अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है कि अवैध तरीके से लगाई गई होर्डिंग के खिलाफ निरंतर अभियान चलता है। तमाम सारे लोग नई होर्डिंग लगा लेते हैं। उनको नियमित हटवाया जाता है।
बिजली के खंबों तक में लगाए गए फ्लैक्स
दुर्घटनाओं की आशंका के बावजूद सियासी दल के लोग बिजली के खंबे में फ्लैक्स लगाने से परहेज नहीं कर रहे। महानगर की हर गली में इन दिनों बिजली के खंबे में भी सियासी दलों के नेताओं के शुभकामना संदेश देते फ्लैक्स नजर आ रहे हैं लेकिन, इनकी इजाजत नगर निगम से नहीं ली गई है।
किसी से वसूल नहीं किया गया जुर्माना
गलत तरीके से सड़क पर बैनर, पोस्टर अथवा होर्डिंग लगाने वालों से जुर्माना वसूलने का प्रावधान है लेकिन, हैरत की बात यह कि नगर निगम प्रशासन अभी तक किसी से भी कोई जुर्माना नहीं वसूल सका। निगम अफसरों का कहना है होर्डिंग लगाने वालों का नाम, पता न मिलने से जुर्माना नहीं वसूला जा पाता जबकि हर होर्डिंग बैनर में साफ तौर पर निवेदकों के नाम दर्ज रहते हैं। राजनीतिक रसूखदारों की वजह से भी निगम प्रशासन का जुर्माना वसूलने में पसीना छूट जाता है। शहर के अधिकांश होर्डिग में नगर निगम के ताकतवार राजनीतिक व्यक्ति की तस्वीर रहती है। इलाइट चौराहे समेत अन्य स्थानों पर अकसर यह तस्वीर लगी होर्डिंग लगी रहती है।
यह हैं होर्डिंग लगाने के नियम
- सड़क पटरी पर कोई भी होर्डिंग नहीं लगाई जाएगी
- जिन होर्डिंग की इजाजत होगी वह चौराहों से पचास मीटर दूर लगाई जाएंगी
- नो वेंडिंग जोन में कोई भी होर्डिंग नहीं लगेगी
- एनओसी के बगैर घरों की छतों पर नहीं लगेगी होर्डिंग
होर्डिंगों से पटी सड़कें, सरकारी खजाने में आए सिर्फ 29.91 लाख
शहर की हर सड़क-चौराहे होर्डिगों से पटे हुए हैं लेकिन, इसके लिए नगर निगम से न कोई इजाजत ली गई, न उसको कोई लाइसेंस शुल्क ही चुकाया गया। विज्ञापन मद से नगर निगम प्रशासन ने 1.35 करोड़ रुपये की आय का अनुमान किया था लेकिन, उसके खाते में अभी तक सिर्फ 29.91 लाख रुपये ही आए। बिना इजाजत के ही होर्डिंग लगा लेने की वजह से निगम के लाइसेंस की कोई जरुरत ही महसूस नहीं होती।