झांसी में पिछले 65 सालों में बुंदेलखंड में दूसरी बार सबसे ज्यादा महिला विधायक विधानसभा पहुंची हैं। इससे पहले वर्ष 2012 में चार महिलाएं विधायक चुनी गई थीं। जबकि, 2022 में तीन महिला प्रत्याशियों को विजय मिली है। दो भाजपा तो एक गठबंधन पार्टी अपना दल एस से हैं।
बुंदेलखंड में 1957 में मऊरानीपुर से कांग्रेस की बेनीबाई पहली महिला विधायक चुनी गईं थीं। इसके बाद 1962 में मानिकपुर से कांग्रेस की सियादुलारी और मऊरानीपुर से बेनीबाई जीतीं। 1967 में फिर बेनीबाई को जीत मिली। 1969 में मानिकपुर से कांग्रेस की सियादुलारी ने दूसरी बार विजय प्राप्त की। 1974 में लगातार चौथी बार बेनीबाई विजय हुईं। 1977 में जेएनपी की सूर्यमुखी शर्मा झांसी से चुनाव जीतीं। 1980 में बबीना से बेनीबाई पांचवीं बार विजयी हुईं।
1985 में बेनीबाई फिर इस सीट से जीतीं। 1989 में मानिकपुर से सियादुलारी फिर कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनी गईं। 1991, 1993, 1996 में कोई महिला प्रत्याशी विधायक नहीं बन पाईं। 2002 में बुंदेलखंड में महोबा जनपद की चरखारी सीट से सिर्फ अंबेश कुमारी को सफलता मिली। बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा महिला विधायकों का विधायक चुने जाने का रिकॉर्ड 2012 में बना। जब भाजपा की उमा भारती चरखारी और साध्वी निरंजन ज्योति हमीरपुर, कांग्रेस की उमाकांती कालपी और सपा की रश्मि आर्य मऊरानीपुर से विधायक बनीं।
2017 के पिछले विधानसभा चुनाव में सिर्फ राठ से भाजपा की मनीषा अनुरागी बुंदेलखंड से एकमात्र महिला विधायक थीं। इस बार ये आंकड़ा बढ़कर तीन हो गया है। झांसी की मऊरानीपुर सीट से अपना दल-एस की प्रत्याशी रश्मि आर्य, राठ से भाजपा की मनीषा अनुरागी और नरैनी से भाजपा की ओममणि वर्मा चुनाव जीती हैं।
बड़ी पार्टियों से इतनों को मिला टिकट
पार्टी महिला प्रत्याशी
कांग्रेस 8
भाजपा 3
सपा 3
बसपा 2
(नोट: बीजेपी की एक सीट पर गठबंधन प्रत्याशी हैं)