झांसी। प्रेमनगर में दपंती की हत्या के मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी आशंका जताई जा रही कि हत्या से पहले दोनों को नशीला पदार्थ खिलाया गया था। अब इसकी पुष्टि के लिए दोनों का विसरा फोरेंसिक जांच को भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों में नशीला पदार्थ पाया गया है। इस वजह से घटना के दौरान दोनों करीब बेसुध थे। हत्यारे ने इसका फायदा उठाते हुए बेदर्दी से सीधे गले पर वार करके दोनों को मौत के घाट उतार दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि हत्या में भारी वजन वाले नुकीले हथियार का इस्तेमाल हुआ है। इसे कुल्हाड़ी बताया जा रहा है। सबसे अधिक तीन घाव अंजू की गर्दन पर मिले हैं। तीनों ही वार गर्दन को निशाना बनाकर किए गए। अंजू की गर्दन चार-पांच इंच गहरे निशान मिले हैं जबकि उसके पति बलवीर यादव उर्फ चुन्ना के गले पर सिर्फ एक वार किया गया। यह वार भी भरपूर तरीके से किया गया था। उसके गर्दन पर भी इतने ही गहरे निशान हैं। अनुमान लगाया जा रहा कि हत्यारे ने सबसे पहला वार चुन्ना पर किया उसके बाद उसने अंजू पर हमला किया। अंजू के पड़ोस में रहने वाली महिलाएं अंजू के गर्भवती होने की भी संभावना जता रही थीं लेकिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई। उधर, पुलिस टीम भी खुलासे के लिए जुटी हुई है। चुन्ना एवं अंजू के आपसी संबंध समेत उनके आर्थिक लेनदेन की जानकारी पुलिस खंगाल रही है। पुलिस का कहना है चुन्ना पिछले कई वर्ष से डेयरी चला रहा था। डेयरी से उसकी आमदनी अच्छी हो रही थी। ऐसे में यह पैसों कहां खर्च किए गए इसकी पड़ताल हो रही है। पुलिस भी इसके पीछे किसी अपने के हाथ की संभावना से इंकार नहीं कर रही है। पूछताछ के लिए पुलिस ने आज करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों को उठाया है। इनमें परिवार के लोग भी हैं। पुलिस अभी कुछ भी खुलकर बोलने से बच रही है कि लेकिन, उसका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच की को एक दिशा मिल गई है। एसएसपी शिवहरि मीना का कहना है कि मामले के खुलासे के लिए टीम लगाई गई है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।