प्रदेश सरकार से स्वीकृति न मिल पाने के कारण ग्वालियर मार्ग क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। इस योजना का तीन फरवरी को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को शिलान्यास करना था, मगर अंतिम समय इसे सूची से हटा लिया गया। वहीं, क्रॉसिंग गेट पर लगने वाला जाम लोगों के लिए नासूर बनता जा रहा है।
ग्वालियर मार्ग क्रॉसिंग ट्रेनों के आवागमन की वजह से 24 में 14 घंटे बंद रहती है। इस मार्ग पर वाहनों का काफी आवागमन है। उन्नाव- बालाजी मार्ग नया बनने के बाद से आवागमन और बढ़ गया है। इससे क्रॉसिंग पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव अरसे से प्रदेश सरकार के पास फाइल में फंसा है। रेलवे ने प्रस्तावित ओवरब्रिज के लिए स्वीकृति दे रखी है, लेकिन राज्य सरकार की मुहर लगना अभी बाकी है। संबंधित विभागों के एस्टीमेट की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। छह सौ मीटर लंबे पुल के निर्माण के लिए सौ करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है। जिला प्रशासन ने तीन फरवरी को झांसी आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सभा में इस योजना का शिलान्यास कराने की तैयारी की थी, लेकिन बाद में इस योजना को सूची से हटा दिया गया।
‘मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि इस योजना को शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल किया गया था। मगर, लोकसभा चुनाव के बाद ओवरब्रिज के लिए जल्द से जल्द बजट मिल सके, इसके लिए प्राथमिकता पर काम करूंगा।’
रवि शर्मा, विधायक।
एक माह में गुजरते हैं 1.76 लाख वाहन
शासन को भेजे गए प्रस्ताव के साथ रेलवे का ट्रैफिक ट्रेन व्हीकल यूनिट का सर्वे भी शामिल किया गया। रेलवे हर तीन साल के अंतराल में रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने वाले वाहनों का सर्वे कराता है। 24 घंटे में रेलवे क्रॉसिंग से कितने वाहन गुजरे (पैदल यात्री को छोड़कर), यहां तक कि साइकिल सवार को भी सर्वे में जोड़ा जाता है। प्रस्ताव में सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया कि अभी इस क्रासिंग से एक महीने में 1.76 लाख वाहन गुजरते हैं।
विधायक चाहें तो बन जाए ओवरब्रिज
ग्वालियर मार्ग से निकलना मुश्किल हो गया है। क्रॉसिंग बंद होते ही जाम लग जाता है। अब तो यहां होमगार्ड भी दिखाई नहीं देते। विधायक चाहें तो यहां पर जल्दी ओवर ब्रिज बन सकता है।
राहुल गोस्वामी, नईबस्ती।
सीपरी बाजार से ज्यादा यहां जरूरी
मुझे लगता है कि सीपरी बाजार में ओवरब्रिज की जरूरत अभी नहीं थी, जितनी आवश्यकता ग्वालियर रोड क्रॉसिंग पर है। यहां से तो निकलना मुसीबत भरा हो गया है।
पवन तिवारी, खातीबाबा।