झांसी। वाणिज्य कर विभाग के रडार पर झांसी जोन के तीन हजार कारोबारी आ गए हैं। ये वे कारोबारी हैं, जिन्होंने न तो विभाग को खरीद-फरोख्त का ब्योरा दिया और न ही कर जमा किया। ऐसे कारोबारियों को चिह्नित कर पड़ताल शुरू कर दी गई है।
वाणिज्य कर विभाग द्वारा चलाई जाने वाली समाधान योजना के तहत झांसी जोन के 62,015 कारोबारी पंजीकृत हैं। इस योजना के तहत पंजीकृत कारोबारियों को वाणिज्य कर विभाग को केवल खरीद-फरोख्त का ही ब्योरा देना होता है। विक्रेताओं को एक प्रतिशत, निर्माताओं को दो प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र के कारोबारियों को पांच प्रतिशत टैक्स अदा करना होता है। लेकिन, जोन में तीन हजार कारोबारी ऐसे सामने आए हैं, जिन्होंने विभाग में न तो रिटर्न फाइल किया और न ही टैक्स अदा किया। वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही ऐसे कारोबारियों की विभाग ने कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की जा रही हैं।