झांसी। मेडिकल कॉलेज में गंभीर रोगियों के इलाज की सुविधाओं को विस्तार देते हुए पांच महत्वपूर्ण दवाओं को ड्रग लिस्ट में शामिल किया गया है। इनमें ओरल कीमोथेरेपी, आंतरिक रक्तस्राव रोकने वाली दवा और गंभीर संक्रमण में इस्तेमाल होने वाली प्रभावी एंटीबायोटिक भी शामिल है। नई दवाओं के शामिल होने के बाद मेडिकल कॉलेज की ड्रग लिस्ट में दवाओं की संख्या बढ़कर 711 हो गई है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, अब तक इन दवाओं की उपलब्धता नहीं होने से कई मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ती थी। इससे मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ बढ़ता था। गंभीर रोगियों की जरूरत को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने पांच नई दवाओं की खरीद की है।
नई दवाओं में सोडियम क्लोराइड तीन फीसदी इंजेक्शन, कैपेसिटाबीन, टर्लिप्रेसिन, कोलिस्टिन और मिथाइल प्रेडनिसोलोन शामिल हैं। इनके उपलब्ध होने से कैंसर, गंभीर संक्रमण, एलर्जी, अस्थमा, गठिया और आंतरिक रक्तस्राव जैसी स्थितियों में मरीजों को मेडिकल कॉलेज में ही उपचार मिल सकेगा।
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मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर उपचार देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पांच नई दवाओं को सूची में शामिल करने से मरीजों को राहत मिलेगी और उन्हें बाहर से दवा खरीदने की जरूरत कम होगी। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज