झांसी। उधमपुर दुर्ग एक्सप्रेस के वातानुकूलित कोचों में उपलब्ध सभी फायर उपकरण खराब थे। इस कारण वक्त पर आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इस लापरवाही पर यात्री रेलवे की व्यवस्थाओं को कोसते रहे।
यात्रियों ने बताया कि टॉयलेट से धुआं उठने के बाद टिकट चेकिंग व अन्य कर्मचारियों को सूचित किया गया। इस बात का पता लगते ही कर्मचारी फायर उपकरण लेकर मौके पर पहुंच गए, लेकिन एक भी उपकरण काम का नहीं निकला। कर्मचारियों ने उपकरणों को चलाने की बहुत कोशिश की, लेकिन हर बार प्रयास बेकार रहा। अगर फायर उपकरण ठीक होते तो आग को वक्त पर बुझा लिया जाता। इससे हादसा नहीं होता। यह तो गनीमत थी कि ट्रेन स्टेशन पर रुकी थी, जिससे दमकल की गाड़ियां आधे से पौने घंटे में ही मौके पर पहुंच गई। अगर बीच रास्ते में ट्रेन रुकती तो कई और बोगियां जल सकती थीं। पता हो कि रेलवे ने ट्रेन के वातानुकूलित कोच के शौचालय के पास एक- एक फायर उपकरण लगा रखा है, ताकि आग लगने पर उस पर तुरंत काबू पाया जा सके।