झांसी। कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने सब्जी मटर की खेती का शोधित बीज तैयार किया है। यह फसल 60 से 65 दिनों में तैयार हो जाएगी। यह मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ाने के साथ- साथ प्रति हेक्टेयर 150 से 160 कुंतल पैदावार देगी। किसान इसकी खेती से प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये से अधिक का लाभ कमा सकते हैं। इसकी बोआई के लिए यह उपयुक्त है।
कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की नई शोध का लाभ उठाकर बुंदेलखंड के किसान अपनी आर्थिक समस्या दूर कर सकते हैं। इस संबंध में उद्यान और वानिकी विभाग के डीन डा. एके पांडेय ने बताया कि बीज की बाजार में कीमत 120 रुपये प्रति किग्रा है। एक हेक्टेयर में इसे उगाने के लिए 100 किग्रा बीज की आवश्यकता होती है। अत्यंत कम समय और शुष्क मौसम में भी इसके उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसकी खासियत यह है कि इसमें रोग लगने की संभावना न के बराबर होती है जिससे फसल की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है। एक हेक्टेयर में इसका उत्पादन 160 किग्रा है जिसे बाजार में बेचकर किसान एक लाख रुपये से अधिक कमा सकता है। कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है तथा इसके उत्पादन में कीटनाशक का प्रयोग की आवश्यकता नहीं होती। बाजार में इसकी कीमत 8000 रुपये प्रति कुंतल है। यह सूखने के बाद भी हरा रहता है।