शहर की अधिकांश सड़कें, नाले-नालियां अतिक्रमण की चपेट में हैं। बाजारों में हालत और भी बुरी है, यहां तो फुटपाथ पर भी कब्जा है। प्रशासन और पुलिस की बेरुखी के कारण अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए यदाकदा अभियान चलता है, लेकिन अफसरों के पीठ फेरते ही अतिक्रमण फिर जमा हो जाता है।
महानगर क्षेत्र की सड़कों व फुटपाथ पर अतिक्रमण होने को लेकर शासन सख्त है। विभागों को समय-समय पर निर्देश दिए जाते हैं कि नगर निगम, झांसी विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा समेत जिस विभाग की शहर में सड़क है, वह समन्वय बनाकर नगर मजिस्ट्रेट व पुलिस की मदद से अभियान चलाएं, ताकि अतिक्रमण न हो सके। इतना ही नहीं, शासन ने यह भी व्यवस्था बनाई है कि जहां से अतिक्रमण हटाया जाता है, उसकी वीडियोग्राफी कराकर रिपोर्ट संबंधित पुलिस थाने को सौंपी जाए, ताकि उस स्थान पर दुबारा अतिक्रमण न हो। यदि होता है तो पुलिस जिम्मेदार होगी।
लेकिन, शहर में शासन के नियमों की कोई परवाह नहीं है। जिम्मेदार विभाग समन्वय बनाकर प्रयास नहीं कर रहे हैं। पुलिस भी अवैध कब्जों को लेकर गंभीर नहीं है। शहर में सड़क चौड़ीकरण हुआ और डिवाइडर व फुटपाथ बने तो अवैध कब्जा करने वालों के लिए सोने पर सुहागा हो गया। ग्वालियर रोड स्थित आयुर्वेद कालेज के आस पास गमला व सीमेंट की जालियां बनाने वालों ने अतिक्रमण कर लिया है। यहां अन्य छोटी-छोटी दुकानें भी चल रही हैं। इलाइट चौराहा से सीपरी बाजार मार्ग पर पेड़-पौधे बेचने वालों और मोेटर मैकेनिकों ने अतिक्रमण कर लिया है। बाजारों में नगर निगम द्वारा बनाई गई नालियों पर दुकानदारों और बड़े-बड़े शोरूम संचालकों ने कब्जा कर लिया है, लेकिन इन्हें हटाने के कारगर प्रयास नहीं किए गए।
इन मार्गों पर अवैध कब्जे
खंडेराव गेट से पंचकुइयां चौराहा होते हुए कोतवाली तक, सीपरी बाजार से नंदनपुरा मार्ग पर, इलाइट से सीपरी बाजार मार्ग, इलाइट से झोकन बाग, गोविंद चौराहा से मिनर्वा चौराहा तक, रिसाला चुंगी से मेडिकल कालेज होते हुए बाईपास तक, बड़ाबाजार से बड़ागांव गेट बाहर मार्ग पर, बीकेडी से खंडेराव गेट मार्ग तक, मानिक चौक से सुभाष गंज, जेल चौराहा से कचहरी चौराहा होते हुए बस स्टैंड तक, बीकेडी से जीवनशाह मार्ग पर, परमानंद चौराहा से ललितपुर मार्ग समेत शहर में शायद ही ऐसी कोई सड़क हो, जहां दुकानदारों अथवा मकान स्वामियों ने अवैध कब्जा न किया हो।
पंचकुइयां में होर्डिंग बने समस्या
पंचकुइयां तिराहा पर किले की दीवार से सटाकर होर्डिंग लगाए गए हैं, लेकिन इन होर्डिंग की आड़ में मोमोज, चाट, समोसा, भेलपुरी, अंडा, फल और पान- गुटका बेचने वाले खड़े होते हैं। इससे आधी सड़क पर इनका कब्जा हो जाता है। सड़क से वाहन चालक निकलते हैं तो जाम की स्थिति बनती है। लेकिन, इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यही नहीं, दुकानदारों से ठेका के नाम पर अवैध वसूली करने वालों का कारोबार भी खूब चलता है। यदि नगर निगम प्रशासन इन होर्डिंग को तिराहा से हटाकर थोड़ा आगे शिफ्ट कर दे तो अतिक्रमण की समस्या हल हो जाएगी
पुलिस का पहरा, फिर भी घुस रहे वाहन
खंडेराव गेट से पंचकुइयां की ओर दिन के समय जाम न लगे, यहां से भारी वाहन, तिपहिया और कारें न जाएं, इसके लिए खंडेराव गेट पर पुलिस का पहरा रहता है, लेकिन पुलिस कर्मियों की मेहरबानी से तिपहिया चालक और कार चालक बड़े आराम से आते-जाते रहते हैं। बुधवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे जाम लग गया, जिससे करीब एक घंटे तक आने-जाने वाले जाम में फंसे रहे।
अतिक्रमण हटाने के लिए रोस्टर तैयार किया गया था, लेकिन दीपावली की छुट्टियां होने के कारण अभियान नहीं चल सका। जल्द ही दुबारा रोस्टर तैयार कर अतिक्रमण हटाया जाएगा।
- केशव प्रसाद
संपत्ति अधिकारी/ अतिक्रमण हटाओ प्रभारी
नगर निगम
कभी समय से अतिक्रमण हटाने का अभियान नहीं चला है। नगर निगम व सिटी मजिस्ट्रेट कार्ययोजना बनाकर अभियान चलाते हैं। अतिक्रमण नहीं हो, इसके लिए सबकी जिम्मेदारी बनती है।
आशीष मिश्रा कोतवाली प्रभारी