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दीपावली के बाद चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, पांच रुपये होगा न्यूनतम किराया

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झांसी। महानगर में इलेक्ट्रिक बस चलने का इंतजार बढ़ता जा रहा है। अब दीपावली के बाद बसों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि बसों के लिए किराये की दरें तय कर दी गई हैं। न्यूनतम किराया पांच रुपये और अधिकतम किराया तीस रुपये निर्धारित किया गया है। अफसरों की कोशिश है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले पांच बसों को सड़क पर उतार दिया जाए।
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झांसी में सार्वजनिक परिवहन के लिए टेंपो-टैक्सी ही परिवहन का इकलौता जरिया है। झांसी स्मार्ट सिटी मिशन के जरिए यहां 25 इलेक्ट्रिक एसी बसें संचालित की जानी हैं। लखनऊ में कुल 200 बसों की खरीद हुई है। इनमें 25 बसें झांसी को मिलेंगी। पहले बसों को दशहरा तक चलाने की बात कही जा रही थी, लेकिन लखनऊ से बसें आई ही नहीं।
अब बसों के दीपावली के बाद झांसी पहुंचने की उम्मीद है। निगम अफसरों के मुताबिक कोशिश की जा रही कि 19 नवंबर से पहले पांच बसों का संचालन आरंभ कर दिया जाएगा। इधर, इन बसों के संचालन का रूट एवं किराया तय कर दिया गया है। इनका संचालन रेलवे स्टेशन, किला, मेडिकल कॉलेज, बस अड्डे के रास्ते पर होगा। ओरछा जैसे पर्यटक स्थल भी आगे जोड़े जाएंगे। रोडवेज के आरएम संदीप अग्रवाल का कहना है इन बसों के लिए किराया तय कर दिया गया है। न्यूनतम किराया पांच रुपये निर्धारित किया गया जबकि अधिकतम किराया 30 से 35 रुपये के बीच रहेगा।
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ये होंगी इन बसों की खूबियां-
- सीएनजी के लीक होने से आग का खतरा रहता है, इलेक्ट्रिक बसों में यह खतरा ना के बराबर रहेगा।
- इलेक्ट्रिक बसों से धुएं का उत्सर्जन न होने से पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा।
- लो-फ्लोर होने से महिलाएं एवं बुजुर्ग बसों में असानी से चढ़ सकेंगे।
- बस के भीतर सीसी कैमरे एवं पैनिक बटन की सहूलियत होगी।
- अंदर ऑटोमेटिक स्लाइडिंग डोर होंगे, जिसका कंट्रोल ड्राइवर के पास रहेगा।
- बसों के बाहर इलेक्ट्रिक डिस्प्ले बोर्ड होंगे, इससे बस का रूट आसानी से मालूम चल सकेगा।
- बस के दोनों ओर दो-दो सीटें होंगी, अंदर खुला स्थान अधिक होगा।
- चलते समय बस से अधिक आवाज नहीं होगी, जिससे ध्वनि प्रदूषण भी थमेगा
एक करोड़ कीमत की होगी एक बस
एक इलेक्ट्रिक बस की कीमत करीब एक करोड़ के करीब आंकी गई है जबकि सीएनजी बस की कीमत 70-80 लाख के करीब बैठती है। वातावरण को नुकसान न पहुंचाने की वजह से देश में इसकी मांग काफी बढ़ गई है। इसके भीतर मोबाइल फोन की तरह चिपटी बैटरी लगी होगी, जिसका वजन करीब 150 किलोग्राम के करीब होगा। इस बैटरी को चार्ज करने में 162 केवीए की बिजली की जरूरत होगी। बैटरी चार्ज होने में करीब ढाई घंटे का समय लगेगा। फुल चार्ज में यह 150 किमी तक चल सकेगी।
कोछाभांवर में बस अड्डा
नगर निगम ने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए नगर निगम कोछाभांवर में बस अड्डा का निर्माण करा रहा है। यहां करीब 1.214 हेक्टेयर (तीन एकड़) जमीन पर इसका निर्माण हो रहा है। बस स्टॉप के अलावा यहां रात्रि पार्किंग, चार्जिंग प्वाइंट बनाए गए हैं।
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इलेक्ट्रिक बसों के लिए बस अड्डे का निर्माण कार्य करीब अंतिम चरण में है। बसों के यहां पहुंचने पर संचालन शुरू हो जाएगा।
शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त
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