झांसी। जिले में स्क्रब टाइफस ने एक और मरीज को अपनी चपेट में ले लिया है। गोडवई गांव के बुजुर्ग में इस बीमारी की पुष्टि हुई है। बुजुर्ग को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा डेंगू के भी दस नए मरीज सामने आए हैं। लगातार तीसरे दिन दहाई के अंकों में रोगी मिलने के बाद अब जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 127 पहुंच गई है।
प्रदेश के कई जिलों में कहर बरपाने वाले खतरनाक संक्रमण स्क्रब टाइफस का झांसी में पहला मरीज छह सितंबर को सामने आया था। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हुई जांच में दो मरीजों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई थी, इसमें एक मरीज ललितपुर की थी। डॉक्टरों के मुताबिक इस बीमारी में समय पर इलाज नहीं कराने पर मरीज की जान भी जा सकती है। बृहस्पतिवार को गोडवई गांव 80 वर्षीय बुजुर्ग में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है। उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि उनकी तबीयत ठीक है। वहीं, झांसी के सबसे संवेदनशील गांव आमली में डेंगू के दो नए मामले फिर सामने आए हैं। इसके अलावा शहरी व अन्य इलाकों से भी आठ रोगी मिले हैं। अब तक झांसी में डेंगू के 127 मरीज मिल चुके हैं। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि 101 डेंगू रोगियों का सत्यापन हो चुका है। अब तक डेंगू से किसी की भी मौत नहीं हुई है। सभी मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
ऐसे करें स्क्रब टाइफस की पहचान
स्क्रब टाइफस संक्रमित कीट के काटने के दस दिनों के अंदर इसके लक्षण नजर आने लगते हैं। रोगियों को बुखार और ठंड लगने के साथ सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द की समस्य हो सकती है। जिन स्थान पर कीट ने काटा होता है, वहां पर त्वचा का रंग गहरा हो जाता है। त्वचा पर पपड़ी पड़ सकती है। कुछ लोगों को त्वचा पर चकत्ते भी नजर आ सकते हैं। समस्या बढ़ने के साथ रोगियों में भ्रम से लेकर कोमा तक की समस्या हो सकती है। गंभीर स्थिति में अंग खराब होने और रक्तस्त्राव हो सकता है।