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यात्रियों की समस्याएं दूर करने में असरदार साबित हो रहा ट्विटर

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डीआरएम का ट्विटर एकाउंट यात्रियों की समस्याओं को दूर करने का असरदार जरिया साबित हो रहा है। हर दिन औसत करीब 100 शिकायतें की जा रही हैं। चलती ट्रेन के मामलों में समस्याओं को 30 मिनट में सुलझाने की कोशिश होती है। अन्यथा संतोषजनक जवाब देकर संतुष्ट करने का प्रयास होता है। वर्तमान में उनके अकाउंट को 11700 लोग फालो कर रहे हैं।
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कोरोना की दूसरी लहर का असर कम होते ही रेल यातायात लगभग सामान्य हो गया है। स्थिति यह बन गई है कि अंतिम समय तक अधिकांश ट्रेनों में सीट खाली नहीं रहती है। यात्रियों की संख्या बढ़ते ही चलती ट्रेनों में समस्याएं भी शुरू हो गई हैं। समस्याओं के निदान के लिए यात्रियों ने ट्वीटर पर मदद मांगना शुरू कर दिया है। किसी यात्री को बच्चे के लिए दूध की आवश्यकता पड़ रही है तो कोई तीन घंटे से अधिक ट्रेन के लेट होने पर दूसरी गाड़ी का विकल्प पूछ रहा है। ट्रेन में गंदगी व उपकरण खराब होने की शिकायतें भी बढ़ गई हैं। लोग अपने स्टेशन से जुड़ी समस्याओं को भी ट्विटर प्लेटफार्म पर उठा रहे हैं। कर्मचारी भी अपनी समस्याओं को रखकर निदान मांग रहे हैं। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ट्विटर एकाउंट पर काम कर रही हमारी टीम के पास प्रतिदिन करीब 100 शिकायतों का उल्लेख आता है। टीम यात्रियों का सत्यापन के बाद शिकायतों का निपटारा करती है। इसके बाद संदेश को अगली कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया जाता है।
मुंबई से निजामुद्दीन जाने वाली 2221 राजधानी एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्री रोहित बाथम ने ट्वीट किया कि उनको मिडिल बर्थ दी गई है। इस बर्थ पर सफर करने में वह असहज महसूस कर रहे हैं। जबकि ट्रेन में कई लॉअर व साइड लॉअर बर्थ खाली है। क्या वह टीटीई से लॉअर बर्थ दिला सकते हैं। जवाब में उनसे कोच कंडक्टर से संपर्क करने के लिए कहा गया।
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अवधेश शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके बेटे को ललितपुर स्टेशन से जबलपुर निजामुद्दीन एक्सप्रेस में सवार होकर जाना था। टिकट सेकेंड एसी कोच का था। उनका बेटा प्लेटफार्म पर कोच डिस्प्ले को बराबर देखता रहा। जब ट्रेन आकर खड़ी हो गई, तब कोच डिस्प्ले में पोजीशन आना शुरू हुई। पता लगा कि उनके बेटे का कोच सबसे पीछे है। ऐसी स्थिति में उनके बेटे को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। जवाब में उनसे देरी से कोच डिस्प्ले होने की जांच कराने की बात कही गई।
सोनू निगम ने शिकायत दर्ज कराई कि कानपुर ट्रैक पर गढ़मऊ व पारीछा स्टेशन के बीच मड़ोरा फाटक बंद कर दिया गया है। अंडरब्रिज में हमेशा पानी भरा रहता है। इस समस्या के कारण गांव वालों को पटरियां पार करनी पड़ती है। इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। जवाब में मामले की जांच करवाकर उचित कार्रवाई करने की बात कही गई।
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