झांसी। जिला अस्पताल में डॉक्टर मरीजों को धड़ल्ले से बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। इसकी जानकारी मिलने पर सीएमएस ने डॉक्टरों को कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि एमआर कक्ष में न बैठें।
जिला अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज कराने के लिए आते हैं। शासन की ओर से भरपूर दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। जब दवा खत्म हो जाती है तो अस्पताल की तरफ से मांग भी भेजी जाती है। इसके बावजूद चिकित्सक कमीशन के चक्कर में बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। जबकि, दवा न होने की स्थिति में अस्पताल में जन औषधि केंद्र भी खोला गया है। जहां पर इक्का-दुक्का मरीज ही दिखाई देते हैं। सीएमएस डॉ. आरके सचान ने चेतावनी पत्र जारी कर कहा कि सभी डॉक्टर निर्धारित समय पर ओपीडी में सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक बैठें। साथ ही अगर कोई दवा अस्पताल में मौजूद नहीं है तो जन औषधि केंद्र की दवाएं लिखें। ओपीडी में बाहरी कंपनियों के एमआर को न बैठने दें। यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।