झांसी। जिन वार्डों से कम हाउसटैक्स जमा हो रहा है, इसका असर आने वाले समय में यहां के विकास कार्यों पर पड़ेगा। कार्यकारिणी से पारित प्रस्ताव के मुताबिक नए वित्तीय वर्ष से हाउसटैक्स वसूली के आधार पर वार्डों के भीतर विकास कार्य तय करने का निर्णय लिया गया था। अब चालू वित्तीय वर्ष की आखिरी तिमाही में चल रही वसूली के दौरान सत्रह वार्ड ऐसे पाए गए जहां से हाउसटैक्स सबसे कम वसूल हुआ।
अभी वार्डों में विकास कार्य पार्षदों के प्रस्ताव एवं शिकायतों के आधार पर कराए जाते हैं। यह कार्य हाउसटैक्स वसूली से बनी विकास निधि के जरिए होते हैं। इसको देखते हुए नगर निगम कार्यकारिणी ने कम हाउसटैक्स वसूली वाले इलाकों पर सवाल खड़े करते हुए प्रस्ताव पारित किया था। बूढ़ा, कोछाभांवर, करगुवां, तालपुरा, खिरकपट्टी, सिंगर्रा में महज चालीस से पचास प्रतिशत भवन ही टैक्स अदा कर रहे हैं।
वर्ष 2002 में निगम सीमा में शामिल अधिकांश भवन टैक्स दायरे में शामिल नहीं हुए। इस वजह से भी यहां कम वसूली हो रही है। कम वसूली वाले इलाकों के तौर पर नैनागढ़, सिमरधा, बगीचा पुलिया नंबर नौ, हीरापुर, ईसाई टोला द्वितीय, प्रेमगंज द्वितीय, दतिया गेट द्वितीय, लहरगिर्द, सीपी मिशन कंपाउंड, भट्टागांव एवं मैरी चिन्हित हुए हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी धीरेंद्र मोहन कटियार का कहना है कि अधिकतम वसूली की कोशिश हो रही है। वसूली के बाद यह सूची जनकार्य विभाग को दे दी जाएगी।
14 करोड़ रुपये की हो चुकी वसूली
नगर निगम अभी तक कुल 14.39 करोड़ रुपये की वसूली कर चुका। सबसे अधिक टैक्स चुकाने वाले वार्डों में सिविल लाइन, बिजौली, नंदनपुरा आदि इलाके हैं जबकि सबसे कम टैक्स देने वालों में बूढ़ा, प्रेमनगर, सिंगर्रा आदि इलाके हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के मुताबिक अभी तक 2.85 करोड़ की वसूली आरंभ होनी शेष है। वार्ड 6, 9, 13, 14 से 6.26 लाख, वार्ड संख्या 9, 14, 42 आदि से 3.69 लाख वार्ड संख्या 30, 46, 04, 23 आदि से 3.61 रुपये की वसूली हो चुकी है।