झांसी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक डेंगू का हमला हुआ है। मौजूदा समय में डेंगू के सबसे ज्यादा संवेदनशील क्षेत्र के तौर पर आमली गांव उभरकर सामने आया है। यहां पर एक साथ 14 मरीज मिलने के चलते हड़कंप की स्थिति है। वहीं, मरीजों की तादाद बढ़ने से अस्पतालों में भी रोगियों की भीड़ बढ़ गई है।
डेंगू के मामले एक-दो दिनों से थमे हुए थे, लेकिन शनिवार को इसका कहर देखने को मिला। इस सीजन में अब तक किसी भी एक दिन में सर्वाधिक 17 मरीज मिले थे। मगर शनिवार को रिकॉर्ड 26 मरीज सामने आए। हालांकि, इसमें दो दूसरे जनपदों के थे। अब तक डेंगू का हमला शहरी इलाकों में रहने वाले मरीजों पर ही हो रहा था, लेकिन गुरसराय का गांव आमली सबसे ज्यादा संवेदनशील क्षेत्र के रूप में उबरकर सामने आ गया है। एक साथ 14 मरीज मिले हैं। डेंगू ने अपनी चपेट में सात साल के बच्चे से लेकर 80 साल के बुजुर्ग तक को ले लिया है। वहीं, अस्पतालों में भी मरीजों की तादाद बढ़ गई है। गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है।
22 घरों में मिला डेंगू का लार्वा
मलेरिया विभाग की टीम ने शनिवार को चार क्षेत्रों में जाकर लार्वी साइट का छिड़काव किया। इसमें इतवारीगंज, गुमनावारा, उनाव गेट, मेवातीपुरा इलाके शामिल रहे। जांच-पड़ताल के दौरान 22 घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। इन सभी घर के मालिकों को नोटिस जारी किया है। साथ ही पानी को फिकवाकर लार्वा को नष्ट किया गया। वहीं, मलेरिया के संदिग्ध 16 मरीजों की स्लाइड बनाकर जांच के लिए भेजी गई है। जबकि, डेंगू के लक्षण वाले 14 मरीजों के भी सैंपल लिए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज ने छपवाई पंपलेट
वायरल फीवर, मलेरिया, डेंगू, स्क्रब टाइफस, डायरिया, लैप्टीस्पाइरोसिस से बचाव के लिए मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने अपनी तरफ से पंप्लेट छपवाई हैं। इसे अस्पताल आने वाले मरीजों को बांटा जा रहा है। साथ ही अपील की जा रही है कि क्षेत्र के लोगों के बीच जाकर भी इसका प्रचार प्रसार किया जाए। इसमें बीमारी का कारण, निवारण और बचाव की जानकारी दी गई है। वहीं, शनिवार को प्राचार्य ने डेंगू वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों से बातचीत की।