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देश-दुनिया में बढ़ी फिजियोथेरेपिस्ट की मांग

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झांसी। देश-दुनिया में आज हेल्थ सेंटर का जितना विस्तार हो रहा है, उसके मद्देनजर आगे चलकर फिजियोथेरेपिस्ट की मांग और बढ़ेगी। मौजूद समय में भी फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में काफी संभावनाएं बढ़ी हैं। फिजियोथेरेपी विज्ञान की ऐसी विधा है, जिसके अंतर्गत शारीरिक व्यायाम के जरिए व्यक्ति के रोगों और व्याधियों का उपचार किया जाता है। ऐेसे में छात्र-छात्राएं इसमें कॅरियर बना सकते हैं।
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फिजियोथेरेपिस्ट का काम रोगियों में किसी बीमारी, चोट, अक्षमता या बढ़ती उम्र की वजह से उपजी शारीरिक व्याधियों का इलाज करना है। आज लोग बीमारी के उपचार के लिए समग्र नजरिया अपनाने लगे हैं। इसकी वजह से फिजियोथेरेपिस्ट की मांग में तेजी से इजाफा हुआ है। फिजियोथेरेपिस्ट, अस्पतालों, विकलांगों के लिए बने पुनर्वास केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, शारीरिक मानसिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के लिए बने स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों के अलावा डिफेंस मेडिकल प्रतिष्ठानों और स्पोर्ट्स क्लबों में भी अपनी सेवाएं देते हैं। इंज्युरी, फ्रैक्चर्स, जोड़ों के दर्द, खिंचाव, मोच, स्ट्रोक्स के इलाज में काबिल फिजियोथेरेपिस्ट की सेवाएं कारगर साबित होती हैं। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपी विभाग के समन्वयक डॉ. सतेंद्र सिंह का कहना है कि आज जिस तरह के अत्याधुनिक अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, क्लीनिक खुल रहे हैं और हेल्थ सेंटर का विस्तार हो रहा है। इस कारण फिजियोथेरेपिस्ट की मांग बढ़ी है। कई राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी खुद को फिट रखने, फिटनेस संबंधी सुझाव लेने के लिए फुलटाइम पर्सनल फिजियोथेरेपिस्ट की सेवाएं लेते हैं। विदेशों में अब देश के कई शहरों में भी पर्सनल फिजियोथेरेपिस्ट की जबरदस्त मांग बढ़ी है। ऐसे में बीयू से फिजियोथेरेपी कोर्स करने के लिए दस अगस्त तक फॉर्म भरने का मौका है। एक अगस्त से विलंब शुल्क लगने लगेगा।
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इंटरमीडिएट पास के लिए कोर्स
कोर्स का नाम: बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी
योग्यता: 50 फीसदी से फिजिक्स/केमिस्ट्री व बायो में इंटर
चयन प्रक्रिया: सीधे प्रवेश
अवधि: साढ़े चार साल
सीट: 40
फीस: 52,000
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