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झांसी में डीएपी खत्म, किसान फिर खाद के इंतजार में

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झांसी। प्रशासन द्वारा तमाम प्रयास करने के बाद भी जिले में खाद का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। स्थिति यह है कि सहकारी समितियों में डीएपी समाप्त हो गई है और प्राइवेट दुकानों पर सिर्फ चार सौ मीट्रिक टन खाद का स्टाक शेष है। यह भी आज मंगलवार को समाप्त होने की आशंका है। कांडला से डीएपी की एक रैक चल चुकी है। यह रैक 24 नवंबर की शाम तक आने की उम्मीद है।
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जिले में रबी सीजन में तीन लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में बुवाई होती है। पिछली बार बारिश नहीं होने के कारण बबीना और गरौठा क्षेत्र के कई किसानों के खेत बिना बुवाई के पड़े रह गए थे। लेकिन, इस बार अक्तूबर में बारिश हो जाने के कारण सभी किसानों ने बुवाई कर दी है। यही कारण है कि खाद की डिमांड कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिले में रबी सीजन में कुल डीएपी खपत का लक्ष्य 31 हजार मीट्रिक टन है। इसके सापेक्ष अब तक 28 हजार मीट्रिक टन डीएपी की खपत हो चुकी है। अभी भी सहकारी समितियों और दुकानों पर किसानों की लाइन लग रही है। सहकारी समितियों पर डीएपी के लिए किसान प्रतिदिन आ रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल रही है। रक्सा क्षेत्र में दो दिन से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। कारण, समितियों पर खाद का स्टाक समाप्त हो गया है।
मध्यप्रदेश से सटी सहकारी समितियों में अधिक भीड़ आ रही है। क्योंकि मध्यप्रदेश के किसानों को भी खाद के संकट से जूझना पड़ रहा है। रक्सा और डेली क्षेत्र में यह समस्या अधिक है। कुछ प्राइवेट दुकानदार भी मौके का फायदा उठा रहे हैं और मौका पाकर रात में खाद की बिक्री कर रहे हैं।
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दो दिन से सहकारी समिति रक्सा में आ रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रहा है। यदि खाद नहीं मिली तो दोबारा खेतों में पलेवा करना पड़ेगा और उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। आश्वासन तो मिल रहा है, लेकिन खाद नहीं मिल रहा।
- चंदन सिंह, ग्राम रूंदकरारी अंबाबाय
तीन दिन से खाद के लिए परेशान हैं। कई जगह चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन कहीं पर भी खाद नहीं मिल रही है। सोचा था कि रक्सा में मिल जाएगी, लेकिन यहां से भी खाली हाथ जाना पड़ रहा है। बड़ी परेशानी है।
- हरदयाल, ग्राम खजराहाखुर्द, सिमरावारी
कई दिन हो गए, लेकिन खाद की परेशानी से छुटकारा नहीं मिल रहा है। यहां आते हैं तो आजकल का आश्वासन दे दिया जाता है और वहां पर खेत की नमी खत्म हो रही है। इस कारण दोबारा पलेवा करना पड़ेगा। खाद कब आएगा, कोई नहीं बताता।
- किशोरी शरण पाल ग्राम बड़ागांव
घर में सब काम में व्यस्त हैं। इसलिए मुझे आना पड़ा। दिन भर हो गया, खाद नहीं मिली। अब क्या करें। दो दिन से यही हाल है। खाद कब आएगी। इस बारे में कोई सही जानकारी नहीं दे रहा है। सब आजकल कर रहे हैं।
- प्रेमवती, नंदनपुरा
कांडला से आएगी 2652 मीट्रिक टन
गुजरात के कांडला से 69 वैगन की स्पेशल ट्रेन (रैक) 2652 मीट्रिक टन डीएपी लेकर 22 नवंबर को रवाना हो चुकी है। यह रैक 24 नवंबर की शाम को आने की संभावना है। इस रैक के आ जाने के बाद जिले में डीएपी की समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी, क्योंकि बुवाई करीब- करीब पूरी हो गई है। किसान परेशान न हों। सभी को खाद मिलेगी।
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- के के सिंह, उप कृषि निदेशक
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