मऊरानीपुर में पत्नी, बेटे और भतीजे की हत्या करने के बाद से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उसने ऐसे खुलासे किए जिन्हें सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई।
करीब नौ साल पहले झांसी के मऊरानीपुर में पत्नी, बेटे एवं भतीजे की हत्या करने के बाद से फरार चल रहा हत्यारोपी ग्वालियर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। यहां वह पिछले करीब 10 साल से वेश बदलकर रह रहा था। पूछताछ के दौरान उसने कई खुलासे किए। जिन्हें सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। पूछताछ में उसने कई हत्याओं की बात कबूली है।
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हत्यारोपी ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसने साल 2012 में अपने दोस्त मनोज गहलोत की पत्नी गीता से विवाह कर लिया था। इसके बाद यह लोग मऊरानीपुर चले आए। यहां गीता के नाम प्रॉपर्टी थी। वर्ष 2013 में उसने पत्नी गीता, उसके बेटे निक्की और भतीजे सूरज की अपने साथियों के साथ चाकू से गोदकर हत्या कर दी और फरार हो गए। राजेश कमरिया ग्वालियर भाग गया। यहां वह नाम बदलकर रहने लगा।
इस दौरान उसने संपत्ति हड़पने के लिए दो हत्या और की। पिछले कुछ समय पहले उसकी मुलाकात ग्वालियर निवासी अनामिका से हुई। अनामिका से उसने शादी कर ली और वही एक पॉश कॉलोनी में रहने लगा। 12 मार्च को अनामिका से विवाद हो गया। जिसके बाद उसने अनामिका से मारपीट की। इससे नाराज होकर अनामिका ग्वालियर स्थित झांसी रोड थाने पहुंच गई। यहां उसने देश के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच शुरू की तब राजेश का फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। सूचना मिलने पर मऊरानीपुर पुलिस भी ग्वालियर पहुंच गई है।