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रैगिंग: सौ से ज्यादा छात्रों ने दर्ज कराए बयान-City

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रैगिंग: सौ से ज्यादा छात्रों ने दर्ज कराए बयान
- कॉलेज के साथ ही पुलिस, प्रशासन के अधिकारी रहे मौजूद
- दो बैच के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने लगाए हैं आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्र के रैगिंग के आरोपों की जांच सोमवार से एंटी रैगिंग कमेटी ने शुरू कर दी। पहले दिन सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने बयान दर्ज कराए। 2015 बैच वाले छात्र-छात्राओं ने 2013 बैच पर और 2017 वालों ने 2015 बैच वाले विद्यार्थियों पर रैगिंग करने के आरोप लगाए हैं। सभी छात्रों ने लिखित में बयान दर्ज कराए हैं।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने सीनियर छात्रों पर रैगिंग का आरोप लगाया था। पुलिस के ट्विटर अकाउंट में ट्विट कर अपना दर्द बयां किया था। इस पर एसएसपी जेके शुक्ला से सीओ को मामले की जांच सौंप दी। वहीं, मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने भी जांच शुरू कर दी। सोमवार को एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों के साथ ही प्रभारी प्राचार्य, सिटी मजिस्ट्रेट सीपी तिवारी, सीओ सिटी वीके तिवारी ने जांच शुरू की। कमेटी के सामने 2013, 2015, 2017 बैच के एमबीबीएस छात्र-छात्राएं उपस्थित हुए। अलग-अलग बैच के विद्यार्थियों को कमरे में बुलाकर पूछताछ की गई।
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बताया गया कि 2015 बैच वाले विद्यार्थियों ने 2013 बैच पर और 2017 बैच वाले छात्र-छात्राओं ने 2015 बैच पर मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। सभी छात्र-छात्राओं के कमेटी ने लिखित बयान दर्ज करवाए हैं। चूंकि, छात्र-छात्राओं की संख्या सौ से अधिक होने के कारण लिखित बयान पढ़े नहीं जा सके। प्रभारी प्राचार्य डॉ. जेपी पुरोहित ने बताया कि जल्द ही सभी के लिखित बयान पढ़े जाएंगे। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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