झांसी में तीन आरोपियों को उम्रकैद
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झांसी के थाना गुरसहाय के कटरा मोहल्ले में 2012 को आरोपियों ने एक सेवानिवृत्त सेना के कर्मचारी की ईंट-पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी थी। इस मामले में अब अदालत ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपियों ने एक मुकदमे में गवाही के डर से इस घटना को अंजाम दिया था।
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झांसी के थाना गुरसराय के कटरा निवासी ओमप्रकाश ने 23 अगस्त 2012 को एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि फौज से रिटायर होने के बाद उनके पिता कालीचरण सरकारी राशन की दुकान चला रहे थे। 23 अगस्त की शाम करीब साढ़े पांच बजे वह दुकान बंद कर घर पर बैठे हुए थे। इसी दौरान मोहल्ले के नाथूराम, नोरे उर्फ राम सिंह तथा बृजेश उर्फ भालू आ पहुंचे। इस बीच उन्होंने गाली- गलौज करते हुए उनके पिता पर ईंट-पत्थर से हमला बोल दिया। इससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।
ओमप्रकाश ने बताया कि उनके पिता कालीचरण विपक्षियों के खिलाफ एक मुकदमे में गवाह थे। विपक्षी गवाही न देने का दबाव बना रहे थे। बात न मानने पर उन्होंने हत्या कर दी। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। आरोपियों में नाथूराम व नोरे सगे भाई हैं।